
उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही शराब प्रेमियों को एक बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति 2026-27 लागू कर दी है, जिसके तहत देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमतों में इजाफा हुआ है। योगी सरकार ने इस नई नीति के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 71,278 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है।
बता दें, नई आबकारी नीति का सबसे बड़ा असर देसी शराब के शौकीनों पर पड़ा है। सरकार ने देसी शराब की कीमतों को राउंड ऑफ (निकटतम 10 के गुणांक) करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 36% अल्कोहल वाली देसी शराब की बोतल, जो पहले 165 रुपये में मिलती थी, अब 173 रुपये में बिकेगी। इसके अलावा, कुछ अन्य ब्रांड्स की कीमतों में प्रति बोतल 5 से 8 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
इसी के साथ, अंग्रेजी शराब (IMFL) और बीयर की कीमतों में भी 7.5 प्रतिशत तक की वृद्धि होने का अनुमान है। नई नीति के मुताबिक, अंग्रेजी शराब की लाइसेंस फीस में 7.5% का इजाफा किया गया है, जिससे एमआरपी (MRP) पर सीधा असर पड़ा है। मध्यम दर्जे की अंग्रेजी शराब की बोतल पर 10 रुपये से लेकर प्रीमियम ब्रांड्स पर 30 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। बीयर के शौकीनों को भी अब प्रति कैन या बोतल 5 से 10 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।
नई नीति के तहत एक दिलचस्प बदलाव भी किया गया है। पहली बार 42.8 डिग्री वाली देसी शराब के लिए 100 ml की मिनिएचर बोतल पेश की गई है, जिसकी कीमत 50 रुपये रखी गई है। साथ ही, फुटकर विक्रेताओं के बीच चिल्लर के विवाद को समाप्त करने के लिए कीमतों को 10 के मल्टीपल में रखने का प्रयास किया गया है। हालांकि, 25 डिग्री वाली सबसे सस्ती देसी शराब की कीमत 55 रुपये (200 ml) पर स्थिर रखी गई है।
इस बार की आबकारी नीति में भांग के शौकीनों के लिए भी बदलाव किए गए हैं। भांग की दुकानों का कोटा 10% तक बढ़ा दिया गया है, साथ ही इनकी लाइसेंस फीस में भी 10% की वृद्धि की गई है। इसके अलावा, प्रदेश में शराब की दुकानों का आवंटन अब ई-लॉटरी के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश ने शराब के लिए ‘आबकारी निर्यात नीति 2026-29’ तैयार की है, जिससे राज्य में बनी शराब और इथेनॉल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि इन बदलावों और कीमतों में वृद्धि से पिछले साल की तुलना में राज्य को 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।









