लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह का जोरदार संबोधन, महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर विपक्ष पर जमकर कसा तंज

127 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां 20 लाख वोटर हैं, इसलिए परिसीमन जरूरी है।" साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि 2029 के चुनाव महिला आरक्षण के साथ होंगे।

दिल्ली: लोकसभा में आज गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष को घेरते हुए कई अहम मुद्दों पर बयान दिए। शाह ने कहा कि ‘महिला आरक्षण बिल पर 130 सांसदों को बोलने का अवसर मिला और इस बिल के पक्ष में सभी का समर्थन था’। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रहे हैं, जबकि इंडिया गठबंधन इसका विरोध कर रहा है।

महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण

अमित शाह ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है, लेकिन विपक्ष केवल तरीके का विरोध कर रहा है, न कि विधेयक का। उन्होंने कहा, “संविधान में परिसीमन का प्रावधान है और सीटों का परिसीमन करना बहुत जरूरी है। यदि परिसीमन होता है तो SC-ST सीटों की संख्या भी बढ़ेगी।” शाह ने यह भी कहा कि परिसीमन का विरोध करना, SC-ST समुदाय का विरोध करना है।

अमित शाह ने बताया कि, “39 लाख वोटरों से कैसे एक सांसद मिल सकता है?” और यह जरूरी है कि आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व किया जाए। उन्होंने कहा, “127 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां 20 लाख वोटर हैं, इसलिए परिसीमन जरूरी है।” साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि 2029 के चुनाव महिला आरक्षण के साथ होंगे।

विपक्ष पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा, “विपक्ष सब जानकर भी अनजान बना हुआ है और उन्हें जाति जनगणना से कोई फर्क नहीं पड़ता। विपक्ष भ्रांतियां फैला रहा है और केवल सत्ता में बैठने के लिए संघर्ष कर रहा है।” उन्होंने कांग्रेस को OBC विरोधी पार्टी करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने OBC कमीशन को मान्यता दी है और बीजेपी सरकार में 27 मंत्री OBC समुदाय से हैं। शाह ने यह भी कहा, “कांग्रेस ने OBC सीएम नहीं बनने दिया।”

अमित शाह ने यह जानकारी भी दी कि जाति जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है और इसे लेकर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड की वजह से परिसीमन में देरी हुई, लेकिन अब यह प्रक्रिया शुरू होगी।

Related Articles

Back to top button