
विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश: अदाणी ग्रुप के निदेशक जीत अदाणी ने आज विशाखापत्तनम में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की, जो भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा को नया आकार देगी। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जरापु राममोहन नायडू और आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश उपस्थित थे।
भारत का नया डिजिटल द्वार – विशाखापत्तनम
जीत अदाणी ने कहा कि आज का दिन भारत के डिजिटल भविष्य के लिए एक नया अध्याय प्रारंभ कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में एक नई क्रांति शुरू हो रही है, जिसमें ऊर्जा, डेटा और कनेक्टिविटी मिलकर भारत के विकास की गति को बढ़ाएंगे। इस बदलाव का केंद्र बिंदु विशाखापत्तनम है, जो अब भारत के डिजिटल भविष्य का प्रवेश द्वार बन चुका है।
विशाखापत्तनम – भारत का अगला डिजिटल हब
भारत में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा सेंटर के विस्तार के संदर्भ में जीत अदाणी ने कहा कि भारत वर्तमान में 1.3 GW डेटा सेंटर क्षमता पर है, जबकि विशाखापत्तनम में एक ही स्थान पर लगभग 1 GW की क्षमता विकसित की जाएगी। यह भारत की डिजिटल क्रांति की गति को दर्शाता है।
एनर्जी – भारत की सबसे बड़ी ताकत
जीत अदाणी ने बताया कि AI के विकास के लिए ऊर्जा एक आवश्यक तत्व है। उन्होंने कहा, “AI कोड में लिखा जाता है, लेकिन यह ऊर्जा पर चलता है।” उनके अनुसार, ऊर्जा की लागत AI के विकास की सबसे बड़ी चुनौती है। अदाणी ग्रुप इस आवश्यकता को समझते हुए भारत के AI विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी को नया आकार
विशाखापत्तनम में अंडरसी केबल लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में एक नया द्वार खुल रहा है। यह भारत को वैश्विक डेटा प्रवाह के करीब लाएगा और तेजी से AI वर्कलोड को संभालने में मदद करेगा।
आंध्र प्रदेश का नेतृत्व और अदाणी ग्रुप की प्रतिबद्धता
जीत अदाणी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि राज्य के नीति समर्थन और त्वरित क्रियावली ने विशाखापत्तनम को भारत के AI भविष्य के केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अदाणी ग्रुप ने भारत के AI विकास को सपोर्ट करने के लिए 100 अरब डॉलर का निवेश करने का वचन दिया है।
संघटनात्मक साझेदारी और भविष्य का दृष्टिकोण
जीत अदाणी ने Google और अन्य प्रमुख कंपनियों के साथ अदाणी ग्रुप की साझेदारी को लेकर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत के AI विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भारत की AI क्रांति में ऊर्जा की भूमिका
अदाणी ग्रुप का लक्ष्य है भारत में ऐसे आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना जो AI के विकास को सुगम बनाएं। इसके साथ ही, ऊर्जा की लागत को कम करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि AI की शक्ति और इसके उपयोग की लागत को कम किया जा सके।









