
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। शुक्रवार को एयरपोर्ट प्रबंधन ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि 15 जून 2026 से यहां से व्यावसायिक उड़ान सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इस एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो द्वारा संचालित की जाएगी, जिसके बाद अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगी।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 70 फ्लाइट संचालन के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी यहां से शुरू होगी। शुरुआत में एयरलाइंस कंपनियों ने 17 फ्लाइट्स चलाने का प्रस्ताव दिया है, जिन्हें मंजूरी मिलने के बाद टिकट बुकिंग प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
यीडा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट को जल्द से जल्द व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार करने पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू करना प्राथमिक लक्ष्य है और इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
गौरतलब है कि 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। प्रथम चरण में एयरपोर्ट 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसमें 3900 मीटर लंबा रनवे, आधुनिक यात्री टर्मिनल, एटीसी टावर और कार्गो हब शामिल हैं। फिलहाल घरेलू और कार्गो टर्मिनल पूरी तरह तैयार हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का कार्य अभी जारी है।
इस एयरपोर्ट से न केवल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह सरकार के लिए आय का बड़ा स्रोत भी बनेगा। अनुमान है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रति यात्री लगभग 496 रुपये की आय होगी और आने वाले 30 वर्षों में कुल आय एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
एयरपोर्ट परियोजना के चलते यमुना सिटी और आसपास के क्षेत्रों में विकास और निवेश तेजी से बढ़ा है। जमीन की मांग में भी भारी उछाल देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में विकसित होगा और 2060-61 तक यह एक विशाल आर्थिक केंद्र बन सकता है।









