‘ये लोग बहुत निर्दयी हैं, मुझे यहाँ से ले जाओ मम्मी, मौत से पहले ट्विशा के चैट आए सामने, इंसाफ के लिए धरने पर बैठा परिवार

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 12 मई को पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा (31) की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटकने से हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी मृतका का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है और उनका शव भोपाल एम्स की मर्चुरी में रखा हुआ है, जहाँ अब शव के डीकंपोज होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नोएडा से भोपाल पहुंचे ट्विशा के माता-पिता और भारतीय सेना में अधिकारी उनके भाई ने न्याय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया और इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।

ससुराल पक्ष के रसूख और पोस्टमार्टम पर सवाल

ट्विशा के माता-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या कर शव को फंदे से लटकाया गया है। पुलिस द्वारा कराए गए पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए परिवार ने कहा कि ट्विशा के शरीर पर मौजूद ढेरों चोटों के निशानों को पीएम रिपोर्ट में दर्ज नहीं किया गया है। मृतका की सास गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला जज (डिस्ट्रिक्ट जज) रह चुकी हैं और परिवार का आरोप है कि वर्तमान लोकायुक्त के साथ रिश्तेदारी के चलते इस रसूखदार परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रभावित किया है। पुलिस कमिश्नर ने पहले दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति दी थी, जिसे बाद में रोक दिया गया। अब परिवार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी से मुलाकात कर दो प्रमुख मांगें रखी हैं— पहला, शव का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए और दूसरा, इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश से बाहर किसी अन्य राज्य में ट्रांसफर की जाए। बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया है।

दर्द बयां करते आखिरी चैट: “ये लोग बहुत निर्दयी हैं”

इस बीच ट्विशा के आखिरी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट सामने आए हैं, जो उन्होंने अपनी मौत से कुछ दिन पहले अपनी दोस्त मीनाक्षी और अपने माता-पिता को भेजे थे। मौत से 5 दिन पहले माता-पिता को भेजे मैसेज में ट्विशा ने लिखा था, “अम्मा नहीं सुन रही हैं, मुझे ही समझाती रहती हैं। मैं बहुत परेशान हूँ, ये लोग बहुत घटिया हैं। समर्थ पूछता है कि मेरे पेट में किसका बच्चा है। मुझे यहाँ से ले जाओ, ये सब बहुत ज्यादा निर्दयी हैं मम्मी।” वहीं अपनी दोस्त को भेजे इंस्टाग्राम मैसेज में उन्होंने लिखा था, “मैं फंस गई हूँ यार… तुम मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर कॉल करूँगी।”

डेटिंग ऐप से मुलाकात और दिसंबर 2025 में हुई थी शादी

मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा की मुलाकात भोपाल की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद ट्विशा का अबॉर्शन (गर्भपात) हो गया था, जिसके बाद से ससुराल वाले उन पर शक करने लगे और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया। 12 मई 2026 की रात को उनका शव फंदे से लटका मिला।

कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज

भोपाल पुलिस ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 (दहेज मृत्यु), 85 (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) और 3(5) के साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, केस दर्ज होने के तुरंत बाद कोर्ट ने आरोपी पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है, जिससे मृतका का परिवार बेहद आहत है।

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