
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ पारे के बीच अब बिजली संकट (Power Crisis) भी पूरी तरह गहरा गया है। सूबे के कई जिलों में शहरों से लेकर गांवों तक हो रही लंबी और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां शेड्यूल के उलट कई जिलों में महज 5 से 12 घंटे ही बिजली की सप्लाई मिल पा रही है। वहीं, शहरी इलाकों में भी बार-बार लग रहे झटकों और अघोषित शटडाउन ने लोगों को बेहाल कर दिया है।
UP में बिजली संकट गहराया, भीषण कटौती से लोग बेहाल।
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) May 22, 2026
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिजली संकट गहराता जा रहा है। शहरों से लेकर गांवों तक लंबी कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों को सिर्फ 5 से 12 घंटे तक ही बिजली मिल पा रही है, जबकि शहरों में भी… pic.twitter.com/TdIxvlh0UW
बलरामपुर, लखीमपुर और गोंडा में हालात बदतर
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस समय राज्य के बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर और गोंडा जैसे जिलों में बिजली व्यवस्था की स्थिति सबसे खराब स्तर पर पहुंच चुकी है। इस झुलसा देने वाली गर्मी के बीच लगातार हो रही ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज (Low Voltage) और फॉल्ट की वजह से न सिर्फ रातें अंधेरे में कट रही हैं, बल्कि रिहायशी इलाकों में पानी का संकट (Water Crisis) भी बुरी तरह गहरा गया है।
जनता में भारी आक्रोश, विपक्ष का तीखा हमला
इस बदहाल बिजली व्यवस्था और उमस भरी गर्मी के कारण स्थानीय नागरिकों में प्रशासन और बिजली विभाग (UPPCL) के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। कई इलाकों से लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन और घेराव करने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में भी उबाल आ गया है। विपक्ष ने बिजली संकट के मुद्दे को लपकते हुए सूबे की सरकार पर सीधा हमला बोला है और मौजूदा बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से ‘फेल’ होने का बड़ा आरोप लगाया है।









