UP में बिजली संकट गहराया: बलरामपुर के गाँवों में महज़ 5 घंटे आपूर्ति, शहर भी अँधेरे में; देखिए आपके ज़िले का हाल

लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और पानी के संकट के बीच विपक्ष ने सरकार पर व्यवस्था फेल होने का लगाया आरोप; हरदोई से सुल्तानपुर तक जारी है त्राहिमाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बिजली संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शहरों से लेकर गाँवों तक लंबी और अनियमित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सबसे भयावह स्थिति बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर और गोंडा जैसे ज़िलों में है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में महज़ 5 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। शहरी क्षेत्र भी इस संकट से अछूते नहीं हैं, जहाँ सप्लाई लगातार बाधित हो रही है। भीषण गर्मी के बीच लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग ने जनता का पारा और चढ़ा दिया है, जिससे कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन की स्थिति बन रही है। विपक्ष ने भी सरकार पर बिजली व्यवस्था पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया है।

सिर्फ अँधेरा नहीं, पानी का संकट भी गहराया

ग्रामीण इलाकों में रात भर अँधेरा रहने के साथ-साथ पेयजल संकट भी विकराल होता जा रहा है। बिजली न होने के कारण नलकूप और पंप सेट ठप पड़े हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भी भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बिजली निगम की लापरवाही और खस्ताहाल ढाँचे के चलते प्रदेश की जनता को अँधेरे और उमस में जीने को मजबूर होना पड़ रहा है।

ज़िलेवार स्थिति: आपके यहाँ कितने घंटे आ रही है बिजली?

नीचे दी गई तालिका विभिन्न ज़िलों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिल रही औसत बिजली आपूर्ति (घंटों में) को दर्शाती है, जो स्पष्ट रूप से आपूर्ति की विषमता को उजागर करती है:

ज़िलाशहर (घंटे)ग्रामीण (घंटे)
बलरामपुर10-1205-06
लखीमपुर खीरी14-1507-08
सुल्तानपुर14-1608-10
गोंडा17-1808-10
सीतापुर17-1808-09
अंबेडकरनगर16-1708-10
बहराइच15-1611-12
हरदोई18-2011-12
श्रावस्ती17-1811-12
अमेठी17-1811-12
रायबरेली17-1810-12
अयोध्या21-2213-14
बाराबंकी19-2013-14

आँकड़ों पर एक नज़र डालें तो सबसे भयावह स्थिति बलरामपुर के ग्रामीण क्षेत्रों की है, जहाँ बिजली महज़ 5 से 6 घंटे ही आ रही है, जबकि शहर को भी मुश्किल से 10 से 12 घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है। इसी तरह लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर के गाँवों में 10 घंटे से भी कम समय के लिए ही रोशनी होती है। दूसरी ओर, अयोध्या और बाराबंकी जैसे ज़िलों में तुलनात्मक रूप से बेहतर आपूर्ति देखी जा रही है, हालाँकि यहाँ भी ग्रामीण इलाकों को शहरों के मुकाबले काफी कम बिजली मिल रही है। गर्मी के इस सितम के बीच, सरकार और बिजली निगम के लिए जनता का बढ़ता गुस्सा शांत करना एक बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।

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