
भोपाल: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। सीबीआई की टीम गुरुवार को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उनके आवास पर पहुंची और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें हिरासत में लिया। जांच एजेंसी अब घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए मौके पर ‘वर्चुअल वॉकथ्रू’ तैयार कर रही है।
दहेज प्रताड़ना और क्रूरता की धाराओं में केस सीबीआई ने मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया है। गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु (धारा 80, सेक्शन 2), विवाहित महिला के साथ क्रूरता (धारा 85) और संयुक्त आपराधिक दायित्व (धारा 3, सेक्शन 5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि पेशे से वकील समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई की हिरासत में हैं।
जमानत की शर्तों का नहीं किया पालन महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में दलील दी थी कि गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत मिलने के बाद न तो शर्तों का पालन किया और न ही जांच में सहयोग दिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने देर रात उनकी जमानत रद्द करने का आदेश दिया। महाधिवक्ता ने यह भी बताया कि कोर्ट ने ट्विशा के शरीर पर मौजूद 7 चोटों का जिक्र करते हुए कहा है कि ये सभी चोटें ‘एंटी मार्टम’ (मृत्यु से पहले की) हैं। अदालत ने इन परिस्थितियों को देखते हुए टिप्पणी की है कि “ऐसा लगता है कि कोई गंभीर अपराध हुआ है।”
क्या था मामला?
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव उनके ससुराल में फांसी से लटका मिला था। इस मामले की जांच पहले मध्य प्रदेश पुलिस कर रही थी, जिसे सोमवार (25 मई) को सीबीआई ने अपने हाथों में ले लिया। जांच एजेंसी ने मामले में फिर से एफआईआर दर्ज की है।









