
मुंबई: टीवी जगत के मशहूर शो ‘भाबी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। शो के निर्माता संजय कोहली पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) के आरोपों को लेकर अब मनोरंजन जगत की प्रमुख संस्था ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ा रुख अपनाया है।
‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम एक्ट्रेस हिना खान के बाद अब AICWA ने इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गुहार लगाते हुए एक्ट्रेस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
AICWA ने सोशल मीडिया पर जारी किया आधिकारिक बयान
शुक्रवार को ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक विस्तृत बयान जारी किया। एसोसिएशन ने साफ शब्दों में कहा कि शिल्पा शिंदे द्वारा निर्माता संजय कोहली पर लगाए गए आरोप अगर झूठे हैं, तो यह पूरी बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के लिए एक बेहद चिंता का विषय है। एसोसिएशन ने इस तरह की हरकतों की कड़ी निंदा करते हुए लिखा:
“द ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन का मानना है कि अगर कोई इंसान जानबूझकर किसी पर झूठे आरोप लगाता है, तो यह सिर्फ उस बेगुनाह आरोपी को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि ऐसी हरकतों से उन असली पीड़ितों की विश्वसनीयता भी कम हो जाती है, जो सच में न्याय पाने के लिए हिम्मत जुटाकर आगे आते हैं।”
एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह के झूठे मामलों से समाज और कानून के मन में वास्तविक शिकायतों को लेकर भी शक पैदा होने लगता है, जिससे इंडस्ट्री में असली पीड़ितों की बात सुने जाने और उन पर भरोसा करने में मुश्किलें खड़ी होती हैं।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और कड़े एक्शन की मांग
फिल्म वर्कर्स बॉडी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस से इस पूरे विवाद में दखल देने की मांग की है। पत्र में लिखा गया है:
- गहरी और निष्पक्ष जांच हो: मुख्यमंत्री से गुजारिश है कि इस पूरे मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- साबित होने पर मिले सजा: अगर जांच में यह साबित होता है कि एक्ट्रेस द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढ़ंत थे, तो कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाया जाए।
- जवाबदेही तय हो: निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों से बचाने और असली पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।









