
सीबीएसई 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन देशभर के कई छात्रों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। पोर्टल में आई खामियों के कारण अनेक छात्र समय रहते आवेदन नहीं कर सके। वहीं, बोर्ड की हेल्पलाइन और सपोर्ट सिस्टम से भी उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली।
लॉगिन और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं की शिकायत
डेडलाइन नजदीक आते ही सोशल मीडिया पर छात्रों की शिकायतें बढ़ गईं। छात्रों ने बताया कि उन्हें लॉगिन फेल होने, रोल नंबर नॉट फाउंड, पेमेंट फेल, कैप्चा एरर और वेबसाइट के बार-बार बंद होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि सही जानकारी दर्ज करने के बावजूद पोर्टल आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा था, जिसके कारण वे समय सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा नहीं कर सके।
हेल्पलाइन और ईमेल से नहीं मिली मदद
तकनीकी समस्याओं के बीच छात्रों ने बोर्ड की हेल्पलाइन और ईमेल के माध्यम से सहायता लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। छात्रों का कहना है कि हेल्पलाइन नंबर या तो लगातार व्यस्त रहे या कॉल रिसीव नहीं किए गए। वहीं, कई दिनों से भेजे गए ईमेल का भी कोई जवाब नहीं मिला।
फिजिक्स की मार्किंग को लेकर पहले से नाराज थे छात्र
विज्ञान वर्ग के कई छात्र विशेष रूप से फिजिक्स विषय की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर पहले से ही असंतोष जता रहे थे। स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में कथित त्रुटियां सामने आने के बाद कई छात्रों ने अंकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए और ग्रेस मार्क्स देने की मांग की। तकनीकी समस्याओं ने उनकी नाराजगी को और बढ़ा दिया।
कॉलेज एडमिशन को लेकर बढ़ी चिंता
पोर्टल की धीमी प्रक्रिया और आवेदन की स्थिति में देरी के कारण छात्रों को कॉलेज प्रवेश और आगे की शैक्षणिक योजनाओं को लेकर भी चिंता सताने लगी है। कई छात्रों ने बताया कि आवेदन जमा करने के बाद भी उनका स्टेटस लंबे समय से ‘अंडर रिव्यू’ दिखा रहा है, जिससे उनके अन्य आवेदन प्रभावित हो रहे हैं।
दूर-दराज के छात्रों को अधिक परेशानी
कुछ छात्रों ने नेटवर्क और कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि कमजोर इंटरनेट वाले क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए पोर्टल की तकनीकी खामियां और बड़ी चुनौती बन गईं, जिससे समय पर आवेदन करना मुश्किल हो गया।
डेडलाइन बढ़ाने की मांग तेज
रविवार शाम तक सोशल मीडिया पर री-वैल्यूएशन की समय सीमा बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी। छात्रों ने स्क्रीनशॉट साझा कर तकनीकी त्रुटियों के प्रमाण प्रस्तुत किए और सवाल उठाया कि अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद पोर्टल की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया गया।
छात्रों ने सीबीएसई से अनुरोध किया है कि या तो आवेदन पोर्टल को कुछ और दिनों के लिए खोला जाए या फिर तकनीकी कारणों से आवेदन न कर पाने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग व्यवस्था की जाए।
छात्रों का कहना- समस्या जानकारी की नहीं, सिस्टम की थी
हालांकि सीबीएसई ने निर्धारित समय सीमा से पहले आवेदन पूरा करने को लेकर छात्रों को रिमाइंडर जारी किया था, लेकिन प्रभावित छात्रों का कहना है कि उन्हें डेडलाइन की जानकारी थी। उनकी मुख्य समस्या यह थी कि तकनीकी खामियों के कारण वे पोर्टल तक पहुंच ही नहीं सके।









