
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे विवादित और बेहद तीखा बयान दिया है। प्रशांत किशोर ने कैमरों के सामने सीधे शब्दों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘एक नंबर का पक्का अपराधी’ करार दिया है। पीके ने हाल ही में भोजपुर में हुए भरत तिवारी कांड, नीट छात्रा से जुड़ी घटना और बेगूसराय में महिला के साथ हुए अपराध का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में अब जाति देखकर नहीं, बल्कि हर आम नागरिक के साथ अपराध हो रहा है।
‘सम्राट चौधरी पर 7 लोगों की हत्या का आरोप, जेल भी जा चुके हैं’
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री पर हमला जारी रखते हुए उनके अतीत और शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “हम डंके की चोट पर कहते हैं, किसी से डरते नहीं हैं। सम्राट चौधरी पर सात लोगों की हत्या का आरोप है। वे सिर्फ आरोपी नहीं, बल्कि इस मामले में अभियुक्त हैं और जेल भी जा चुके हैं। वे सातवीं फेल हैं और उन्होंने हर तरह का कर्म-कुकर्म किया है।” पीके ने आगे कहा कि जब आप खुद ऐसे अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएंगे, तो वह वहां बैठकर राम-नाम थोड़ी जपेगा? जब अपराधी शीर्ष पर बैठेगा तो अपराध बढ़ेगा और भ्रष्टाचारी बैठेगा तो भ्रष्टाचार ही होगा।
बिहार की जनता को भी आईना दिखाया, वोटिंग पैटर्न पर उठाए सवाल
इस दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार के मतदाताओं की मानसिकता पर भी करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ उनके हारने या जीतने से बिहार की तकदीर नहीं बदलेगी, यह तब सुधरेगा जब जनता सही व्यक्ति को वोट देगी। पूर्व के चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “जब केसी सिन्हा जैसे महान गणितज्ञ चुनाव में खड़े हुए तो उन्हें महज 15 हजार वोट मिले, जबकि जिसका एमएमएस वायरल हुआ था, उसे सवा लाख लोगों ने वोट दे दिया। इसके बाद भी जनता कहती है कि हमें अच्छा आदमी चाहिए। सच तो यह है कि बिहार के लोगों को अच्छा आदमी चाहिए ही नहीं; जब कोई ईमानदार खड़ा होता है, तो लोग कहते हैं कि यह बिहार में नहीं चल पाएगा।”









