
चंडीगढ़: पंजाब में धान की रोपाई के बेहद महत्वपूर्ण सीजन के बीच बिजली की अघोषित और अनियमित कटौती को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य भर में चल रही भारी बिजली किल्लत और इसके विरोध में किसानों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों ने सरकार के “पावर-सरप्लस पंजाब” के बड़े-बड़े दावों को पूरी तरह से हवा में उड़ा दिया है।
बीजेपी नेता ने कहा कि लंबे और अनियमित पावर कट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उन वादों को पूरी तरह “चूर-चूर” कर दिया है, जिसमें उन्होंने किसानों को खेती के लिए “आठ घंटे बिना रुकावट बिजली सप्लाई” देने की बात बार-बार दोहराई थी। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के महंगे विज्ञापनों और ज़मीनी हकीकत के बीच का अंतर अब जनता के सामने साफ़ तौर पर दिखाई देने लगा है।
महंगे डीजल जनरेटरों के भरोसे किसान, फसलें खतरे में
राज्य प्रशासन पर निशाना साधते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण मजबूरन किसानों को अपने खेतों को सींचने के लिए महंगे डीजल जनरेटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनकी खेती की लागत काफी बढ़ गई है। उन्होंने आगे याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने किसानों को सिंचाई के लिए रातों की नींद खराब करने से आज़ादी दिलाने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं। दिन और रात दोनों समय बिजली गुल रहने से पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे खड़ी धान की फसलें सूखने की कगार पर हैं।
विज्ञापनों और सोशल मीडिया ऑप्टिक्स में उलझी सरकार
ढिल्लों ने सवाल उठाया कि अगर सरकार के बिजली इंतजाम सच में इतने असरदार थे, तो पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में किसानों को अपने खेतों में काम करने के बजाय ग्रिडों का घेराव करने और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार सिर्फ विज्ञापनों और सोशल मीडिया की मनगढ़ंत कहानियों में उलझी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य का किसान सरकार की इस नाकामी को नहीं भूलेगा और भविष्य में उसे इसका करारा जवाब देगा।









