
खेल डेस्क : फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में इक्वाडोर पर मेक्सिको की 2-0 से शानदार जीत के बाद मेक्सिको सिटी में एक बड़ा हादसा हो गया है। सह-मेजबान (Co-host) मेक्सिको की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने के लिए राजधानी की सड़कों पर हजारों की संख्या में फैंस जमा हो गए थे। इस भारी भीड़ और जश्न के दौरान दम घुटने से दो फुटबॉल फैंस की दर्दनाक मौत हो गई।
रॉयटर्स के मुताबिक, राजधानी के हेल्थ सेक्रेटेरिएट ने बताया कि यह दुखद हादसा मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को ‘एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस’ स्मारक के पास हैम्बर्गो और लैंकेस्टर सड़कों के चौराहे पर हुआ। हेल्थ अथॉरिटी ने सोशल मीडिया पर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “रेस्क्यू टीम के तमाम प्रयासों के बाद, दम घुटने के कारण एक 44 वर्षीय पुरुष और एक 19 वर्षीय महिला की मौत की पुष्टि हुई है।”
मेक्सिको ने तोड़ा 40 साल पुराना ‘शाप’, 1986 के बाद पहली नॉकआउट जीत
मैच की बात करें तो, मेक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर नॉकआउट स्टेज में जीत का अपना दशकों पुराना इंतजार खत्म कर दिया है और राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है।
आंकड़ों की एजेंसी ‘ऑप्टाजो’ (Optajo) के अनुसार, साल 1986 के बाद फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में मेक्सिको की यह पहली जीत है। इसी के साथ वर्ल्ड कप नॉकआउट मैचों में लगातार 8 मैच हारने का उनका सिलसिला भी टूट गया, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे शर्मनाक और लंबा रिकॉर्ड था।
भारी बारिश और बिजली गिरने के कारण यह मुकाबला एक घंटे की देरी से शुरू हुआ था, लेकिन मेक्सिको (‘एल ट्राई’) ने अपना अजेय डिफेंसिव रिकॉर्ड बरकरार रखा। हाफटाइम से ठीक पहले जूलियन क्विनोन ने विरोधी टीम की डिफेंसिव गलती का फायदा उठाकर टीम को बढ़त दिलाई, जिसके बाद स्टार खिलाड़ी राउल जिमेनेज ने स्कोर 2-0 कर दिया। रिस्टार्ट के बाद इक्वाडोर ने वापसी की कोशिश की, लेकिन मेक्सिको का डिफेंस अभेद्य रहा। स्टॉपेज टाइम में इक्वाडोर के डिफेंडर पिएरो हिनकापी को रेड कार्ड भी मिला। जेवियर एगुइरे की कोचिंग वाली मेक्सिको टीम इस टूर्नामेंट में लगातार 4 क्लीन शीट (बिना कोई गोल खाए) रख चुकी है।
17 साल के गिल्बर्टो मोरा ने रचा इतिहास, महान पेले के रिकॉर्ड के करीब पहुंचे
इस ऐतिहासिक मुकाबले में मेक्सिको के टीनएज मिडफील्डर गिल्बर्टो मोरा ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। ‘ESPN FC’ के मुताबिक, महज 17 साल और 259 दिन की उम्र में मोरा फीफा वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में गोल करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं।
इस लिस्ट में पहले नंबर पर फुटबॉल के सर्वकालिक महान खिलाड़ी पेले हैं, जिन्होंने 1958 के वर्ल्ड कप के दौरान 17 साल और 239 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।
राउल जिमेनेज ने भी बनाया अनोखा रिकॉर्ड
सिर्फ मोरा ही नहीं, बल्कि मेक्सिको के सीनियर खिलाड़ी राउल जिमेनेज ने भी रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया। ‘ESPN Insights’ के अनुसार, 35 साल और 56 दिन की उम्र में वह फीफा वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज मैक्सिकन खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही वह नॉकआउट स्टेज में गोल करने वाले मेक्सिको के पहले 30+ उम्र के खिलाड़ी भी हैं।
अगला मुकाबला: टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत दर्ज करने के बाद अब मेक्सिको का सामना राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड और डीआर कांगो के बीच होने वाले राउंड ऑफ 32 के विजेता से होगा। घरेलू दर्शकों के सामने मेक्सिको इस बार वर्ल्ड कप में नया इतिहास रचने के इरादे से आगे बढ़ रही है।









