लखनऊ के युवा उद्यमी की बड़ी उपलब्धि, BatX Energies ने जुटाए ₹105 करोड़,भारत को बनाएंगे ‘क्रिटिकल मिनरल’ में आत्मनिर्भर !

उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक गर्व का क्षण सामने आया है। लखनऊ के मॉन्टफोर्ट इंटर कॉलेज (2013 बैच) के पूर्व छात्र उत्कर्ष सिंह द्वारा सह-स्थापित क्लीन-टेक कंपनी ‘BatX Energies’ ने ₹105 करोड़ का भारी-भरकम सीरीज़-A निवेश जुटाकर इतिहास रच दिया है। इस फंडिंग का नेतृत्व IvyCap Ventures ने किया है, जबकि Zephyr Peacock, Mankind Pharma Family Office, Excel Industries Family Office और JITO जैसी बड़ी संस्थाओं ने इसमें भागीदारी की है।

BatX Energies, जिसकी स्थापना उत्कर्ष सिंह और विक्रांत सिंह ने की है, भारत में बैटरी रीसाइक्लिंग और क्रिटिकल मिनरल रिकवरी के क्षेत्र में अग्रणी नाम बन चुकी है। कंपनी पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों और मैन्युफैक्चरिंग स्क्रैप से लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों को पुनः प्राप्त करती है। इससे न केवल भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।

कंपनी की सबसे बड़ी खासियत इसका उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में स्थित क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग प्लांट है। इस निवेश का उपयोग अब कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश करने और एक आत्मनिर्भर सप्लाई चेन बनाने के लिए करेगी।

CEO उत्कर्ष सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी जड़ों और लखनऊ की शिक्षा को दिया है। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है। बुलंदशहर में प्लांट लगाने का निर्णय इसी विश्वास का परिणाम था कि यूपी नवाचार का नया गढ़ बन सकता है।” वहीं, कंपनी के CTO विक्रांत सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वदेशी तकनीक विकसित की है जो बैटरी-ग्रेड खनिजों को उच्च दक्षता के साथ रिफाइन करने में सक्षम है।

IvyCap Ventures के विक्रम गुप्ता ने भी कंपनी की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि BatX Energies ऊर्जा परिवर्तन की सबसे बड़ी चुनौती का समाधान दे रही है। यह निवेश न केवल कंपनी के लिए, बल्कि यूपी के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी एक मील का पत्थर है।

Related Articles

Back to top button