
अयोध्या राम मंदिर में राम धन गबन और चोरी के मामले में अब निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने कई बेहद सनसनीखेज और बड़े खुलासे किए हैं। महंत धर्मदास ने सीधे तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह सबसे ज्यादा पावरफुल हैं, लेकिन उनके मन और बात में अंतर है और वह किसी की बात नहीं सुनते। उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवान की संपत्ति को हड़पने के लिए ही सिर्फ इस ट्रस्ट को बनाया गया है। इस खेल में टुन्नू यादव का बहुत भौकाल था, यह बात बिल्कुल सही है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि चंपत राय का कार्यालय भी नजूल की हड़पी हुई जमीन पर बना है। चंपत राय कोई साधु नहीं, बल्कि सिर्फ एक कार्यकर्ता हैं और ऊपर से जो आदेश मिलता है, वही कर रहे हैं।
महंत धर्मदास ने अपने साथ हुई आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्होंने खुद अपने एक भक्त से भगवान के लिए चांदी का मुकुट चढ़वाया था, लेकिन उन्हें आज तक उसकी रसीद नहीं दी गई और वह मुकुट भी अब कहीं दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय और तत्कालीन डीएम अनुज झा मिलकर नजूल की जमीन पर कब्जा करते थे, जिसे डीएम कागज पर नहीं लिख रहे थे, जबकि गवर्नर से इसे कागज पर बनवाकर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान के नाम पर जमीन न खरीदकर ट्रस्ट के नाम पर करोड़ों रुपए की जमीन क्यों खरीदी गई? चंपत राय के नाम पर जमीन क्यों खरीदी जा रही थी और इन लोगों ने 100-200 करोड़ की जमीन ट्रस्ट के नाम से क्यों खरीदी? चंपत राय को सब बताना चाहिए कि यह सब कहां गया। उन्होंने दुखी होकर कहा कि इस चोरी से उनका सिर शर्म से झुक गया है और ट्रस्ट के लोग तो राम-राम भी नहीं करते।
अतीत को याद करते हुए महंत धर्मदास ने कहा कि वह 1975 से राम जन्मभूमि को देख रहे हैं कि यह मंदिर कैसे बना। राम जन्मभूमि न्यास उन्होंने ही बनाया था, जिसमें अवैधनाथ जी और अशोक सिंहल भी रहे, लेकिन आज पुराने लोगों का कोई नाम तक नहीं लेता। उन्होंने कहा कि भगवान और आम जनता के साथ यह बहुत बड़ा विश्वासघात हुआ है। सरकार ने चंपत राय को सारी पावर दी थी। ट्रस्ट में साधु-संतों को बनाना अनिवार्य था, लेकिन अयोध्या का एक भी निवासी इसमें शामिल नहीं है। नृत्य गोपाल दास को भी झगड़ा करके बनाया गया, उन्हें कौन पूछता है और वह कभी किसी मीटिंग में नहीं गए। ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पास सारी संपत्ति यह ट्रस्ट बनने के बाद ही आई है। उन्होंने कहा कि गोपाल राव से पूछा जाना चाहिए कि उन्हें किसने भेजा और इतनी जिम्मेदारी किसने दी। इनके 8-10 लोगों का एक गोल (गुट) है कि कौन जमीन बेचेगा और कौन खरीदेगा, इसमें अयोध्या के भी लोग शामिल हैं। गोविंद गिरी भी कुछ नहीं हैं और बैठक में कुछ नहीं होने वाला।
महंत धर्मदास ने आगे कहा कि राम मंदिर में बहुत गलत काम हो रहा है। कटेहरी थाना और सब जगह चोरी हो रही है, बिना पैसे के कहीं कोई काम नहीं होता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चोरी हुई है, जो पकड़े गए हैं वे चोर हैं और जो बचे हैं उन्हें भी पकड़ा जाएगा। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चंपत राय इस चोरी को नहीं रोक पा रहे थे, तो उन्हें इस पद पर रहने की कोई जरूरत नहीं है।









