कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली में बड़ी बैठक, 10 फीट से ऊंची कांवड़ और अश्लील गानों पर रोक

आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में दिल्ली के लक्ष्मी नगर में ...

आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में दिल्ली के लक्ष्मी नगर में शुक्रवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसपी सूरज कुमार राय ने भी प्रतिभाग किया। इस बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान सुचारू यातायात, बेहतर कानून-व्यवस्था और एनसीआर के जनपदों के बीच आपसी तालमेल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में शिवभक्तों से विशेष अपील की गई है कि वे अपनी कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से अधिक न रखें। इसके साथ ही म्यूजिक सिस्टम (डीजे) की ध्वनि को नियमों के दायरे में रखने और किसी भी तरह के अश्लील गाने न बजाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

यह महत्वपूर्ण कांवड़ यात्रा आगामी 30 जुलाई से शुरू होने जा रही है। बैठक के दौरान अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, रूट डायवर्जन व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और संवेदनशील मार्गों पर भारी पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने जैसे विभिन्न बिंदुओं पर रणनीति तैयार की। अफसरों ने संबंधित जनपदों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने पर विशेष बल दिया है। आपको बता दें कि इस अंतरराज्यीय बैठक से पहले जिला स्तर पर भी तैयारियां पुख्ता की जा चुकी हैं, जिसके तहत डीएम अस्मिता लाल पूर्व में ही अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक संपन्न कर चुकी हैं।

इस यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि श्रावणी शिवरात्रि के पावन अवसर पर पुरा के प्राचीन परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में चार दिवसीय भव्य मेले का आयोजन होगा। इस मेले में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। चूंकि बहुत बड़ी संख्या में शिवभक्त और श्रद्धालु इस जनपद के मार्गों से होकर हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के लिए आगे बढ़ते हैं, इसलिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इस नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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