मथुरा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 42 साइबर ठगों को किया गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड और सिम हुआ बरामद

मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए खास अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है । बता दे कि मंगलवार सुबह पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में अकेले कोसीकल इलाके से सबसे ज़्यादा 22 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। इससे साफ है कि गैंग ने इस इलाके में अपना बड़ा बेस बना लिया है। चार थाना इलाकों के 13 गांवों से गिरफ्तार किए गए 42 ठगों को बुधवार को जेल भेज दिया गया है। उनके पास से 81 नकली आधार कार्ड, 26 नकली सिम और 20 मोबाइल फोन मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

28 संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई

SSP श्लोक कुमार ने मंगलवार सुबह पांच बजे एक बार फिर राजस्थान और हरियाणा के बॉर्डर इलाकों में साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। गोवर्धन, बरसाना, कोसीकलां और शेरगढ़ थाना इलाकों के 13 गांवों की एक साथ घेराबंदी की गई और ठगों के 28 संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई।

81 नकली आधार कार्ड, 26 नकली SIM और 20 मोबाइल बरामद किए गए

आठ CO के नेतृत्व में 16 थानों की पुलिस, दो PAC कंपनियाँ और करीब 300 पुलिसकर्मी सुबह होने से पहले ही इन गाँवों में पहुँच गए। पुलिस ने सभी मुख्य सड़कों को घेर लिया और इलाके के रास्तों को ब्लॉक कर दिया। पुलिस ने गोवर्धन से छह, शेरगढ़ से छह, कोसीकला से 22 और बरसाना से आठ ठगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 81 नकली आधार कार्ड, 26 नकली SIM और 20 मोबाइल बरामद किए गए हैं।

पुलिस को इनपुट मिले हैं कि साइबर गैंग ने कोसीकला में अपना नया गढ़ बना लिया है। यहाँ एक नया नेटवर्क तैयार किया गया है। दिसंबर और फरवरी में हुई कार्रवाई के बाद से साइबर ठग लगातार अपनी जगहें बदल रहे हैं।

42 ठगों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया

बता दे कि पहले गोवर्धन और शेरगढ़ इलाके पुलिस के निशाने पर थे, लेकिन अब गैंग ने कोसीकला के गाँवों में अपनी एक्टिविटी बढ़ा दी हैं। यहाँ नकली कॉल, डिजिटल और ऑनलाइन फ्रॉड किए जाने का शक है। चार थाना इलाकों से गिरफ्तार किए गए 42 ठगों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया है।

बदमाशों के गांवों में सन्नाटा पसरा

मंगलवार सुबह चार थाना क्षेत्रों के 13 गांवों में पुलिस की घेराबंदी और कार्रवाई के बाद बदमाशों के गांवों में सन्नाटा पसर गया है। घरों में महिलाएं और बच्चे हैं। पुरुष राजस्थान और हरियाणा में शरण लिए हुए हैं। उन्हें डर है कि गांव पुलिस के रडार पर आ जाएगा। ऐसे में गांव के पुरुष फोन करके महिलाओं से हालचाल पूछ रहे हैं।

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