
गुजरात के मोरबी जिले के लक्ष्मीवास गांव को बेहतरीन जल प्रबंधन और पेयजल वितरण व्यवस्था के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत गांव ने टिकाऊ ग्रामीण जल प्रबंधन का एक मॉडल पेश किया है।
कभी पानी की कमी और पीने योग्य भूजल की समस्या से जूझने वाला लक्ष्मीवास गांव अब नर्मदा आधारित पाइप जल आपूर्ति नेटवर्क के जरिए अपनी पेयजल व्यवस्था को बदल चुका है। आज गांव के सभी 280 परिवारों को सुरक्षित और पर्याप्त पीने का पानी मिल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस बदलाव से उनकी जीवनशैली में काफी सुधार आया है। गांव के लोगों ने बताया कि पहले तालाब का पानी पीने योग्य नहीं था और उचित पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं थी, लेकिन अब सरकारी जल आपूर्ति प्रणाली के माध्यम से हर घर तक साफ पानी पहुंच रहा है।
लक्ष्मीवास गांव को नई दिल्ली में आयोजित जल महोत्सव के दौरान जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और समुदाय आधारित जल प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि नर्मदा नहर आधारित जल आपूर्ति योजना उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हुई है।
जल एवं स्वच्छता प्रबंधन संगठन (WASMO) के अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और गुजरात सरकार के संयुक्त प्रयासों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है।
WASMO के यूनिट मैनेजर महेश दामा ने बताया कि लक्ष्य हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है और मोरबी जिले के अधिक से अधिक गांवों को इस योजना के मानकों तक पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है।
लक्ष्मीवास गांव की सफलता को टिकाऊ जल प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।









