
आम आदमी पार्टी ने राम मंदिर निर्माण और प्रबंधन में कथित अनियमितताओं व घोटाले को लेकर एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। रविवार को दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में सुंदरकांड के पाठ और हनुमान आरती के साथ पार्टी ने देशव्यापी ‘सिग्नेचर कैंपेन’ की शुरुआत की है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद प्रधानमंत्री को संबोधित एक चिट्ठी पर हस्ताक्षर कर इस अभियान को धार दी है।
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि राम मंदिर में हुई कथित चोरी और घोटाले ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मंदिर ट्रस्ट के सदस्य प्रधानमंत्री के बेहद करीबी हैं, और ऐसे में इतने बड़े स्तर पर घोटाले का होना गंभीर सवाल खड़े करता है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि घोटाले को दबाने के लिए बनाई गई एसआईटी और दर्ज एफआईआर केवल खानापूर्ति है, जिसमें बड़े लोगों को बचाकर केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
केजरीवाल ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा, “यदि आप स्वयं को प्रभु श्रीराम का भक्त मानते हैं, तो सच सामने लाएं। दोषियों को बचाने के बजाय उन्हें कठोर से कठोर सजा, यानी फांसी दिलाई जाए।” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग भगवान के घर में डकैती डाल सकते हैं, वे राम को भगवान नहीं मानते, बल्कि केवल राम के नाम पर राजनीति करते हैं।
इस आंदोलन को तेज करने के लिए केजरीवाल ने देश भर के राम भक्तों से अपील की कि वे अपने मोहल्लों, सोसायटियों और मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ करें और अधिक से अधिक लोगों के हस्ताक्षर जुटाकर प्रधानमंत्री को भेजें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आस्था का मुद्दा है। इस अभियान का उद्देश्य सरकार पर जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बनाना है।
रोहिणी में उमड़ी भारी भीड़ के बीच केजरीवाल ने समर्थकों को शपथ दिलाई कि जब तक इन ‘चंदा चोरों’ और ‘डकैतों’ को फांसी नहीं दिलाई जाती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। अब देखना यह है कि आम आदमी पार्टी का यह सिग्नेचर कैंपेन आने वाले समय में कितना व्यापक रूप ले पाता है और केंद्र सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।









