
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पेट्रोल में मिलावट का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा स्कैम सामने आया है। मलिहाबाद के संन्यासी बाग इलाके को अपना अड्डा बनाने वाला एक सिंडिकेट लंबे समय से लोगों की गाड़ियों के इंजन के साथ खिलवाड़ कर रहा था। यह गिरोह अमौसी ऑयल टर्मिनल से निकलने वाले टैंकरों को निशाना बनाता था।
कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी; टैंकर चालक और गिरोह के अन्य सदस्य मिलकर तेल की चोरी करते थे। टैंकर से जितना शुद्ध पेट्रोल निकाला जाता, उतनी ही मात्रा में उसमें एथेनॉल और अन्य खतरनाक केमिकल मिला दिए जाते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह चोरी का पेट्रोल 75 रुपये प्रति लीटर के भाव में खरीदता था। यह पूरा खेल तब खुला जब हजरतगंज स्थित ‘शुभम फिलिंग स्टेशन’ जा रहे एक टैंकर को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह मिलावटी तेल शहर के कई पेट्रोल पंपों तक पहुंच रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस सिंडिकेट का जाल किन-किन पंपों तक फैला था। यह न केवल आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि इससे वाहनों की लंबी उम्र और पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा था। पुलिस की कार्रवाई से पेट्रोल माफियाओं में हड़कंप मच गया है और अब मुख्य सरगनाओं की तलाश में छापेमारी की जा रही है।









