
रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित पूर्व मंत्री आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘जौहर विश्वविद्यालय’ पर प्रशासन का शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय परिसर में किए गए निर्माण कार्य को अवैध करार देते हुए इसे गिराने (ध्वस्तीकरण) का आदेश जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि विश्वविद्यालय परिसर में किया गया निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र (Approved Map) के नियमों के अनुसार नहीं है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना उचित मंजूरी और स्वीकृत नक्शे के जो निर्माण कार्य किए गए हैं, वे पूरी तरह से अवैध हैं। इस मामले में काफी समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। प्रशासन ने लंबी और विस्तृत सुनवाई के बाद अंततः इस निर्माण को गिराने का सख्त आदेश पारित किया है।
डीएम ने की पुष्टि
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि निर्माण में नियमों की अनदेखी की गई है। प्रशासन की ओर से अब इस अवैध निर्माण को जमींदोज करने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी नियमों के विरुद्ध किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा संस्थान क्यों न हो।
आगे क्या होगा?
जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ इस आदेश के बाद रामपुर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को काफी सख्त माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विश्वविद्यालय प्रबंधन इस ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ क्या कदम उठाता है या प्रशासन कब तक बुलडोजर चलाने की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाता है। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है, क्योंकि यह मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है।









