
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बेहद महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में अब ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र’ (SVPEIJZ) परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश को 9 ‘हब एंड स्पोक’ जोन में विकसित किया जाएगा, ताकि औद्योगिक विकास का लाभ दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुँच सके।
16 केंद्रों से होगी शुरुआत
परियोजना के पहले चरण में कुल 16 केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इसमें एमएसएमई और यूपीसीडा 5-5 केंद्र, यूपीईडा और यीडा 2-2 केंद्र, तथा ग्रेटर नोएडा और गीडा 1-1 केंद्र स्थापित करेंगे। ये केंद्र न केवल उद्योगों को जगह उपलब्ध कराएंगे, बल्कि ये ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर काम करेंगे।
क्या है खास?
प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि ये केंद्र एक ‘वन स्टॉप स्किल-एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम’ की तरह कार्य करेंगे। इसका मतलब है कि एक ही छत के नीचे युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से लेकर उद्योग लगाने तक की सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस मॉडल को गुजरात और महाराष्ट्र में टाटा समूह के सफल औद्योगिक अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है।
विकास को नई रफ्तार
इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उनके गृह क्षेत्र के पास ही रोजगार उपलब्ध कराना और राज्य के लघु व मध्यम उद्योगों (MSME) को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है। इस परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश की औद्योगिक साख बढ़ेगी, बल्कि राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी। औद्योगिक केंद्रों का यह जाल राज्य के हर कोने में विकास की नई इबारत लिखेगा।









