
जिले में पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद करीब 2.45 लाख घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को एक बार फिर सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। विद्युत निगम जुलाई से अक्टूबर तक बिजली बिल के साथ चार समान किस्तों में यह राशि वसूलेगा।
घरेलू कनेक्शन के लिए प्रति किलोवाट 400 रुपये की दर से होने वाली इस वसूली से जिले के उपभोक्ताओं पर 9 करोड़ 80 लाख 44 हजार रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। जिले में अब तक 2.77 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश घरेलू कनेक्शन हैं।
पहले इन कनेक्शनों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदला गया था। उस समय उपभोक्ताओं द्वारा वर्षों पहले जमा की गई सुरक्षा निधि का समायोजन कर दिया गया था। लेकिन प्रीपेड व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भारी विरोध देखने को मिला था।
जनता के विरोध को देखते हुए पिछले माह प्रीपेड व्यवस्था समाप्त कर सभी कनेक्शन दोबारा पोस्टपेड में परिवर्तित कर दिए गए थे। अब विद्युत आपूर्ति संहिता के प्रावधानों के तहत प्रत्येक उपभोक्ता से दोबारा सुरक्षा निधि जमा कराना अनिवार्य हो गया है।
इसका सबसे ज्यादा असर पुराने घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वर्ष 1990 और उसके बाद कनेक्शन लेने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं ने उस समय केवल 50 या 100 रुपये सुरक्षा निधि जमा कराई थी।
प्रति किलोवाट 400 रुपये की दर से ली जाएगी राशि
अब घरेलू उपभोक्ताओं से वर्तमान नियमों के अनुसार प्रति किलोवाट 400 रुपये की दर से सिक्योरिटी राशि ली जाएगी। जिन उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार अधिक है, उनसे उसी अनुपात में अधिक राशि जमा कराई जाएगी।
विद्युत निगम ने एकमुश्त आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के बिजली बिल में चार बराबर किस्तों में वसूली करने का फैसला लिया है। हालांकि अगले चार महीनों तक लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़े हुए आ सकते हैं।









