
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। कई वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के मुताबिक उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि OBC वर्ग को आरक्षित श्रेणी मानते हुए 150 के पूर्णांक में से 60 अंक (यानी 40 प्रतिशत) के आधार पर कटऑफ तय की जाए और संशोधित परिणाम जारी कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
इस पूरे मामले को लेकर हाल ही में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक भी हुई थी। बैठक में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन और विभागीय अधिकारियों ने स्वीकार किया कि नियमानुसार OBC वर्ग को 5 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए थी। हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा हुए लगभग सात साल का समय बीत चुका है और नियुक्तियां भी दी जा चुकी हैं।
शासन के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का पालन करने और संशोधित परिणाम जारी करने का फैसला अब उच्च स्तर से ही संभव है। उधर, अभ्यर्थी मांग पूरी होने तक आंदोलन पर डटे रहने की बात कह रहे हैं।









