
नई दिल्ली। डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छरों को लेकर एक चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है। नए शोध के मुताबिक, भारत में ये मच्छर अब आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक अल्फा-साइपरमेथ्रिन के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने लगे हैं। सीधे शब्दों में कहें तो डेंगू के मच्छर अब कीटनाशकों से लड़ना सीख गए हैं और वैज्ञानिक इसे बड़े खतरे की घंटी मान रहे हैं।
क्या कहती है स्टडी?
यह अध्ययन प्रतिष्ठित पत्रिका ‘फ्रंटियर्स इन ट्रॉपिकल डिजीज’ में प्रकाशित हुआ है। दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधकर्ता रोहित लखवानी के अनुसार, जब भारतीय एडीज एजिप्टी मच्छरों को अल्फा-साइपरमेथ्रिन की अनुशंसित खुराक के संपर्क में लाया गया, तो 97.91 प्रतिशत मच्छरों की मौत हो गई। लेकिन बचे हुए मच्छरों में जो लक्षण दिखे, वह साफ संकेत देते हैं कि ये धीरे-धीरे इस कीटनाशक के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता हासिल कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक इनमें पूरी तरह स्थायी प्रतिरोधक क्षमता नहीं बनी है, लेकिन यह एक चेतावनी जरूर है।
मच्छर कैसे कर रहे कीटनाशक का मुकाबला?
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और इस स्टडी की वरिष्ठ लेखिका सरिता कुमार ने बताया कि जब कोई कीटनाशक मच्छर के शरीर में जाता है, तो यह उसकी कोशिकाओं में एक तरह की चेतावनी प्रणाली को सक्रिय कर देता है। इसके जवाब में मच्छर का शरीर तेजी से रक्षात्मक प्रोटीन बनाने लगता है, जो कीटनाशक के जहरीले अणुओं से जुड़कर उन्हें तोड़ देते हैं और कम नुकसानदेह यौगिकों में बदलकर शरीर से बाहर निकाल देते हैं। यही जैविक तंत्र मच्छरों को कीटनाशकों से बचने में मदद कर रहा है और वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।









