
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में ध्वजारोहण किया और इसके बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव अब शुरू हो चुका है, सिर्फ टिकट तय होना बाकी है और समय बहुत कम बचा है, इसलिए सभी को अपनी तैयारी पूरी रखनी होगी।
बयान देने से पहले सोचना होगा
अखिलेश ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि अब ऐसा कोई भी बयान न दें, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिले। उन्होंने कहा कि चुनाव में बहुत कम दिन बचे हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलना होगा। पार्टी की तरफ से छोटे-बड़े सभी नेताओं को एक कॉपी छपवाकर दी जाएगी, जिसमें तय होगा कि क्या बोलना है और क्या नहीं। उन्होंने साफ कहा कि उस स्क्रिप्ट से हटकर कुछ नहीं बोलना है। साथ ही कार्यकर्ताओं से एक-दूसरे के सम्मान की अपील करते हुए कहा कि अगर सब ‘आप’ की बात करेंगे तो हर किसी को स्थान मिलेगा।
जिस सरकार के झुकने की उम्मीद नहीं थी, GEN-Z ने झुका दिया
अखिलेश यादव ने युवाओं के हालिया आंदोलनों की तारीफ करते हुए कहा कि जो काम बड़े-बड़े लोग नहीं कर पाए, वह नई पीढ़ी ने कर दिखाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की जो सरकार कभी झुकती नहीं थी, उसे भी जेन-जी ने झुका दिया। सपा के नौजवान भी उसी संघर्ष का हिस्सा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मेधावी छात्रों को लैपटॉप भी बांटे और कहा कि छात्रों की ताकत को पार्टी ने हमेशा पहचाना है।
भाजपा और RSS पर तीखा हमला
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अखिलेश ने भाजपा और आरएसएस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और आजादी एक-दूसरे के विलोम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग स्वतंत्रता दिवस मनाने की बजाय विभाजन विभीषिका दिवस मना रहे थे, क्योंकि इनके लिए विभाजन ही उत्सव है। उन्होंने कहा, “इन्होंने आजादी की लड़ाई में योगदान दिया हो या नहीं, लेकिन विभाजन में जरूर योगदान दिया है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने कभी तिरंगे का सम्मान नहीं किया, वे आज तिरंगा लेकर घूम रहे हैं और ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
संविधान है तो स्वतंत्रता है
अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान की मजबूती से ही लोकतंत्र और स्वतंत्रता दोनों सुरक्षित हैं। अगर संविधान को ठेस पहुंची तो लोकतंत्र कमजोर होगा। उन्होंने संकल्प लिया कि पार्टी संविधान को मजबूत करने के लिए हर त्याग करने को तैयार है। उन्होंने सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बातें हो रही हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई अलग है। सबसे ज्यादा चिंता आज किसानों के सामने है। सरकार आय बढ़ने का दावा कर रही है, जबकि बड़ी आबादी को राशन देना पड़ रहा है।









