
बलूच मानवाधिकार संगठन पांक ने पाकिस्तान के क्वेटा में तीन बलूच लोगों के कथित तौर पर जबरन गायब होने की निंदा की है। संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से तीनों लोगों के ठिकाने की तुरंत जानकारी देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पांक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि छात्रों और नागरिकों को कथित तौर पर निशाना बनाकर जबरन गायब करने की घटनाएं मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं। संगठन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से बलूचिस्तान में लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है।
आसिफ अली के गायब होने का आरोप
पांक के मुताबिक, आसिफ अली को कथित तौर पर 1 अगस्त 2026 को शाम करीब 4 बजे उनके घर से जबरदस्ती ले जाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि उनके गायब होने के पीछे पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के लोग जिम्मेदार हैं।
17 वर्षीय असफंद बलूच का मामला
संगठन ने 17 वर्षीय असफंद बलूच के कथित गायब होने का भी मुद्दा उठाया। पांक के अनुसार, असफंद को 4 अगस्त 2026 की सुबह करीब 4 बजे क्वेटा के किल्ली अल्मास एयरपोर्ट रोड से कथित तौर पर जबरन ले जाया गया।
पांक ने आरोप लगाया कि इस घटना में ISI, CTD और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के लोग शामिल थे।
वाजिद बलूच को लेकर भी चिंता
पांक ने वाजिद बलूच के कथित जबरन गायब होने की भी निंदा की। संगठन के अनुसार, वाजिद को 10 अगस्त 2024 को रात करीब 1 बजे क्वेटा के कश्मीर आबाद स्थित कंबरानी रोड से कथित तौर पर उठाया गया था।
संगठन ने आरोप लगाया कि वाजिद के गायब होने के पीछे काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट की भूमिका है। पांक ने कहा कि वाजिद के परिवार को लंबे समय से अनिश्चितता और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील
पांक ने जबरन गायब करने की घटनाओं को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। संगठन ने कहा कि ऐसी घटनाएं लोगों को कानूनी सुरक्षा से दूर कर देती हैं और उन्हें प्रताड़ना जैसे खतरों के सामने ला देती हैं।
संगठन ने पाकिस्तान सरकार से आसिफ अली, असफंद बलूच और वाजिद बलूच के ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक करने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की।
इसके साथ ही पांक ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से बलूचिस्तान में कथित जबरन गायब करने की घटनाओं पर ध्यान देने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की है।









