
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में हुए एक कथित पुलिस एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने श्रावस्ती के इकौना में छोटकऊ उर्फ अलाउद्दीन के कथित पुलिस एनकाउंटर की कहानी पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसकी स्वतंत्र जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने का बड़ा आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि प्रथमदृष्टया पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर और उसका पूरा घटनाक्रम सही प्रतीत नहीं होता है, इसलिए मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक निष्पक्ष एजेंसी से गहन जांच बेहद जरूरी है।
यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब 9 मई को इकौना थाने में एक 7 साल की बच्ची को ले जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद 12 मई 2025 को तत्कालीन एसएचओ इकौना अश्विनी कुमार दुबे ने एक और एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि आरोपी अलाउद्दीन नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस और एसडब्ल्यूएटी टीम ने अंधरपुरवा पुल के पास उसे घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की ओर से फायरिंग करने पर जवाबी कार्रवाई में एसएचओ ने अपनी सर्विस पिस्टल से गोलियां चलाईं, जो आरोपी के दोनों पैरों में लगीं। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस पूरी थ्योरी पर कई तीखे सवाल खड़े किए हैं।
कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि एक ही वाहन में सवार 23 पुलिसकर्मियों से घिरे होने के बावजूद आरोपी ने फायरिंग की, जिसमें एक भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। वहीं, रात के अंधेरे में करीब 15 मीटर की दूरी से चलाई गई दोनों गोलियां सीधे आरोपी के दोनों पैरों पर लगने के दावे पर भी कोर्ट ने संदेह जताया। अदालत ने यह भी संज्ञान लिया कि इस कथित एनकाउंटर में शामिल सभी 23 पुलिसकर्मियों को फौरन ‘गुड वर्क’ के नाम पर पुरस्कृत भी कर दिया गया था। खास बात यह है कि आरोपी अलाउद्दीन वही शख्स है जिसे 2012 के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में बरी कर दिया था, और कोर्ट ने आशंका जताई है कि इसी रंजिश के चलते पुलिस ने यह कार्रवाई की हो।
हाईकोर्ट ने सीबीआई निदेशक को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच के लिए सक्षम अधिकारियों की टीम नामित करें और यथासंभव तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें। साथ ही, तत्कालीन एसएचओ की शूटिंग क्षमता और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 को तय की गई है।









