
बॉलीवुड के जाने-माने और अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को हंसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी वित्तीय तंगी, चेक बाउंस मामलों और सिनेमा के प्रति अपने समर्पण (Dedication) खुलकर बात की है। अभिनेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि कुछ समय की आर्थिक या कानूनी परेशानियां किसी भी कलाकार की प्रतिष्ठा, उसकी पहचान और उसके करियर के प्रति निष्ठा को कम नहीं कर सकतीं।
मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में राजपाल यादव ने खुद को भारतीय सिनेमा का एक छात्र और दुनिया का एक जिम्मेदार अभिनेता बताया। अपने ऊपर चल रहे चेक बाउंस मामलों और कर्ज के विवादों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पिछले 30-40 वर्षों में उन्होंने किसी से पैसे उधार लिए भी हैं, तो वह उन तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी कलाकार की वित्तीय स्थिति खराब होती है, तो लोग उसके पूरे जीवन के काम और बायो-डाटा पर सवाल क्यों उठाने लगते हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें कोई भी व्यक्ति पैसों से नहीं खरीद सकता, क्योंकि वह बचपन से ही कला के प्रति समर्पित हैं।
राजपाल यादव ने खुद को थिएटर और फिल्मों का पुजारी बताते हुए कहा कि वह अपने काम के जरिए वर्ष 2000 से 2026 तक के अपने पूरे सफर को पेश करना चाहते हैं, ताकि लोग देख सकें कि उन्होंने सिनेमा में क्या योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले दिन से कहा है कि मैं कभी खोया नहीं हूँ।” गौरतलब है कि जुलाई महीने में दिल्ली हाईकोर्ट ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ वित्तीय विवाद से जुड़े चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव और उनकी पत्नी की सजा और दोषसिद्धि को बरकरार रखा था। कोर्ट ने पाया था कि बार-बार समय मांगने और आश्वासन देने के बावजूद वादे पूरे नहीं किए गए, जिसके बाद उन्हें सरेंडर करने का आदेश देना पड़ा था।
अपने वर्क फ्रंट की बात करें तो राजपाल यादव हाल ही में फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी जैसे कई बड़े कलाकार भी शामिल थे। कानूनी और वित्तीय मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करने के बावजूद राजपाल यादव का यह बयान साफ करता है कि अभिनय और कला के प्रति उनका जुनून अब भी पूरी तरह बरकरार है और वह सिनेमा जगत में लगातार सक्रिय रहना चाहते हैं।









