
मेरठ: मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडेय पर थर्ड डिग्री टॉर्चर के गंभीर आरोप लगने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। दलित नेता मोहित जाटव और गुर्जर नेता दिग्विजय भाटी ने प्रेसवार्ता कर कथित प्रताड़ना की पूरी कहानी सुनाई। इस दौरान सपा विधायक अतुल प्रधान भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें एसएसपी कार्यालय बुलाकर बेरहमी से पीटा गया और एसओजी कार्यालय ले जाकर भी यातनाएं दी गईं।
दिग्विजय भाटी ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि वह मोहित जाटव के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वहां पहले एसपी देहात से मुलाकात हुई, इसके बाद एसएसपी ने दोनों को अंदर बुलाया। आरोप है कि बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और फिर दोनों को एक कमरे में ले जाकर मारपीट की गई।
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि उनके साथ पहले कोहनियों से, फिर बेल्ट और जूतों से मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि इंस्पेक्टर अखिलेश को बुलाकर भी पिटाई कराई गई। भाटी ने कहा कि मारपीट के बाद उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां भी उनके साथ बर्बरता की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसओजी कार्यालय में उनके पैर बांधकर पीटा गया और उन्हें गंभीर यातनाएं दी गईं। भाटी ने दावा किया कि उन्हें एनकाउंटर की धमकी भी दी गई। उन्होंने कहा कि अगर सपा विधायक अतुल प्रधान मदद के लिए नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
वहीं, दलित नेता मोहित जाटव ने भी प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर वह लगातार अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एसएसपी कार्यालय बुलाए जाने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। मोहित जाटव ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें लात-घूंसों, बेल्ट और डंडों से पीटा।
मोहित जाटव ने दावा किया कि उन्हें और दिग्विजय भाटी को पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां कपड़े उतरवाकर प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पानी तक नहीं दिया गया और लगातार मारपीट की गई। मोहित जाटव ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने एनकाउंटर करने की बात भी कही।
प्रेसवार्ता में मौजूद सपा विधायक अतुल प्रधान ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। वहीं, मामले के सामने आने के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय का तबादला किया जा चुका है।









