
तिब्बत की ओर से आई अचानक भीषण और प्रलयकारी बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। लेन्दे खोला यानी भोटेकोशी नदी में अचानक आए इस भीषण जलजले के कारण टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके का कस्टम क्षेत्र बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सीमा सुरक्षा व भन्सार क्षेत्र में खड़े दर्जनों भारी वाहन, सीमा शुल्क का सामान और स्थानीय संपत्तियां ताश के पत्तों की तरह बह गईं।
रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी और प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार के अनुसार, बाढ़ ने टिमुरे सहित आसपास के दो प्रमुख बाजारों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। निचले तटीय क्षेत्रों में स्थित कई जलविद्युत (हाइड्रोपावर) परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है और बस्तियों में जलभराव हो गया है। इतना ही नहीं, बीते वर्ष की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर हाल ही में निर्मित नया पुल भी तेज बहाव में पूरी तरह बह गया है।
इस आपदा की विभीषिका का असर सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पड़ोसी जिलों तक भी देखने को मिल रहा है:
- सुरक्षा प्रतिष्ठानों को नुकसान: नेपाल पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी जलमग्न व प्रभावित हुए हैं।
- पड़ोसी जिलों में असर: बाढ़ का प्रचंड प्रवाह रसुवा से आगे नुवाकोट तक पहुंच चुका है, जिसकी पुष्टि जिला प्रशासन कार्यालय के अधिकारियों ने की है।
- यातायात ठप: सुरक्षा व्यवस्था और हादसों को देखते हुए काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले सभी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। नेपाली सेना के प्रवक्ता एवं ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि सेना के दो हेलीकॉप्टरों को प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया है। साथ ही, प्रधानमंत्री कार्यालय ने आपात स्थितियों से निपटने के लिए देश की सभी निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों को स्टैंडबाय पर रहने का सख्त निर्देश जारी किया है।
वहीं, भोटेकोशी नदी के खतरे को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन जिलों के तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुङ की अध्यक्षता में ‘मानसून प्रतिकार्य कमान्ड पोस्ट’ की एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक शुरू हो चुकी है, जिसमें प्रभावितों के पुनर्वास, खोज व बचाव अभियानों और तत्काल राहत वितरण को लेकर बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।









