
Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एक सख्त संदेश दिया है। पीएम मोदी ने आतंकवाद के “पूरे इकोसिस्टम” को खत्म करने की पुरजोर अपील की, जिसमें इसकी फाइनेंसिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई “दोहरा मापदंड” नहीं हो सकता और जो देश इसे अपनी पॉलिसी के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, उन्हें कड़ा संदेश मिलना चाहिए कि आतंकवाद किसी के लिए भी ‘स्ट्रेटेजिक एसेट’ नहीं हो सकता।
किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव की मेजबानी में हो रहे इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ समेत कई देशों के दिग्गज नेता मौजूद रहे। समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यूरेशिया की सुरक्षा के साथ-साथ अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता पर भी जोर दिया। पश्चिम एशिया के संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संघर्षों का असर ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी और सप्लाई चेन पर पड़ता है, इसलिए सभी समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं बल्कि बातचीत और डिप्लोमेसी से ही संभव है।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने ड्रग तस्करी को युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बताते हुए SCO मैकेनिज्म के जरिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि SCO की सफलता का असली पैमाना यह होना चाहिए कि हमारे युवाओं और नागरिकों का जीवन कितना बेहतर हुआ है। बता दें कि 2017 से भारत इस संगठन का पूर्ण सदस्य है, और यह समिट संगठन की 25वीं वर्षगांठ के रूप में “SCO Plus” फॉर्मेट में आयोजित की जा रही है, जिसमें वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जा रही है।









