
दलीप ट्रॉफी 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन ने अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। साउथ जोन की टीम के कप्तान तिलक वर्मा की शानदार 99 रनों की संघर्षपूर्ण पारी के बावजूद टीम पहली पारी में 336 रनों पर सिमट गई। इसके चलते ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन ने पहली पारी के आधार पर 372 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद भी ईस्ट जोन ने फॉलोऑन देने के बजाय दूसरी पारी में खुद बल्लेबाजी करने का फैसला किया और दिन का खेल खत्म होने तक 584 रनों की अजेय बढ़त बना ली है।
बता दें, साउथ जोन की टीम ने तीसरे दिन के स्कोर 6 विकेट पर 242 रन से आगे खेलना शुरू किया। चौथे दिन कप्तान तिलक वर्मा पर टीम को उबारने की बड़ी जिम्मेदारी थी। उन्होंने बेहद सूझबूझ और जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की और अपने शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वे मात्र 1 रन से अपने शतक से चूक गए। तिलक ने 211 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौकों की मदद से 99 रनों की बेहतरीन पारी खेली। ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 31 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। इसके अलावा अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और शिखर मोहन को भी 2-2 सफलताएं मिलीं।
पहली पारी में 708 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने वाली ईस्ट जोन की टीम ने दूसरी पारी में भी आक्रामक रुख अपनाया। हालांकि, सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (8 रन) और अभिमन्यु ईश्वरन (3 रन) जल्दी आउट हो गए, लेकिन कप्तान ईशान किशन ने एक बार फिर अपने शानदार फॉर्म का परिचय दिया। पहली पारी में दोहरा शतक (270 रन) जड़ने वाले किशन ने दूसरी पारी में भी ताबड़तोड़ बैटिंग करते हुए 98 गेंदों पर 9 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 80 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। इस मुकाबले में ईशान किशन ने कुल मिलाकर 350 रन बनाए हैं। उनके अलावा शिखर मोहन ने भी 52 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली।
चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी में 5 विकेट के नुकसान पर 212 रन बना लिए हैं। पहली पारी की 372 रनों की बढ़त को जोड़कर अब ईस्ट जोन की कुल बढ़त 584 रनों की हो चुकी है। क्रीज पर मोहम्मद कौनाइन कुरैशी (26 रन) और कुमार कुशाग्र (34 रन) नाबाद डटे हुए हैं। इस मजबूत स्थिति के साथ ईस्ट जोन का दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करना लगभग तय माना जा रहा है।









