
देहरादून: बारिश का दौर उत्तराखंड में लगातार जारी है। चारधाम यात्रा फिलहाल सुचारू चल रही है, लेकिन कई यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और मलबे के कारण यात्रियों के लिए खतरा बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
रुद्रप्रयाग में बारिश और भूस्खलन का असर
रुद्रप्रयाग जिले में सुबह के समय बादल छाए रहे। ऊखीमठ और जखोली क्षेत्र में बारिश दर्ज की गई, जबकि रुद्रप्रयाग तहसील में बारिश नहीं हुई। सुबह 8:30 बजे तक ऊखीमठ में 18 मिमी और जखोली में 13 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे है। अलकनंदा का जलस्तर 625.40 मीटर और मंदाकिनी का 624.28 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल नदी के जलस्तर को लेकर स्थिति सामान्य है।
मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर भारी मलबा
बारिश के कारण सड़क और पैदल मार्गों पर परेशानी बढ़ी है। मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर गौंडार और ट्रॉली के बीच भारी मलबा और बोल्डर आने से रास्ता बंद हो गया है। मार्ग को खोलने के लिए स्थानीय श्रमिकों को लगाया गया है। रुद्रप्रयाग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल खुले हैं, हालांकि मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग समेत लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और एनपीसीसी के कुछ मार्ग प्रभावित हुए हैं।
चोपता-केदारनाथ हाईवे भी बाधित
गोपेश्वर क्षेत्र में रात से हो रही बारिश सुबह थम गई। बदरीनाथ हाईवे पर यातायात सुचारू बताया गया है। वहीं गोपेश्वर-चोपता-केदारनाथ हाईवे मंडल क्षेत्र में मलबा आने के कारण बाधित है। नाले में मलबा आने से सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित मार्गों को खोलने में जुटे हैं। बारिश और भूस्खलन को देखते हुए पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।









