
भारतीय टीम से बाहर होने के बाद ईशान किशन ने अपनी शानदार कप्तानी और बल्लेबाजी से एक बार फिर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पहले झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का चैंपियन बनाने के बाद, अब ईशान किशन की अगुवाई में ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में विशाल बढ़त हासिल करने के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया।
फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने कप्तान ईशान किशन के शानदार 270 रनों के दम पर पहली पारी में 708 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर बनाया। जवाब में साउथ जोन की पहली पारी केवल 336 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में ईस्ट जोन ने 7 विकेट खोकर 388 रन बनाए, जिसके बाद मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया। मैच के बाद प्रेजेंटेशन में किशन ने कहा, “हमने एक ग्रुप के रूप में ट्रॉफी जीती है। मुझे लगता है कि मैं एक अच्छा कप्तान हूं, लेकिन यह सफर यहीं खत्म नहीं होता। आपको हर विभाग में बेहतर होते रहना पड़ता है।”
भारतीय टीम से ड्रॉप होने के दौर को याद करते हुए विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहा कि कठिन समय में उन्होंने खुद को शांत रखा और अपने खेल पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रेक के दौरान खेल के प्रति अपनी समझ और सजगता बढ़ाना उनके लिए काफी मददगार साबित हुआ। लगातार दो घरेलू बड़े टूर्नामेंट जीतकर ईशान किशन ने राष्ट्रीय टीम में वापसी का अपना दावा बेहद मजबूत कर लिया है।









