
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से इंसानियत और प्रशासनिक अमले को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के मलकेगांव की रहने वाली एक पीड़ित महिला ने क्षेत्र के लेखपाल दिनेश सविता पर रिश्वत मांगने और बेहद ही अभद्र व अमर्यादित टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला का कहना है कि बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण उसका कच्चा मकान गिर गया था, जिसकी सरकारी सहायता और मुआवजे के लिए लेखपाल की रिपोर्ट लगना बेहद जरूरी था।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह मुआवजे की रिपोर्ट लगवाने के लिए लेखपाल के पास पहुंची, तो लेखपाल दिनेश सविता ने उससे पैसों की मांग की। महिला ने जब अपनी लाचारी और आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए पैसे देने में असमर्थता जताई, तो लेखपाल ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए कहा कि ‘अगर घूस के पैसे नहीं दे सकती, तो अपनी बेटी को मेरे पास भेज दो।’ लेखपाल के मुंह से यह शब्द सुनते ही पीड़ित महिला के होश उड़ गए और उसने न्याय के लिए उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण में जब पीड़िता ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, तो शुरुआती तौर पर अधिकारियों ने मामले को झूठा और मनगढ़ंत बताकर पल्ला झाड़ लिया। एक तरफ जहां गरीब परिवार अपना आशियाना उजड़ने के बाद दर-दर भटकने को मजबूर है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार कर्मचारी की इस हरकत और अफसरों के इस रवैये ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भर दिया है।









