
नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान की टीमें रविवार को तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में आमने-सामने होंगी। अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा, क्योंकि इस बार अफगानिस्तान इस सीरीज का मेजबान भी है। इसे दोनों देशों की क्रिकेट दोस्ती का नया अध्याय माना जा रहा है।
‘ताक-ए-जफर’ गेट से होगी स्टेडियम में एंट्री
शनिवार को स्टेडियम के गेट नंबर तीन पर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित ‘ताक-ए-जफर’ गेट की प्रतिकृति के सामने भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर और अफगान कप्तान इब्राहिम जादरान ने ‘फ्रेंडशिप कप’ ट्रॉफी का अनावरण किया। बता दें कि ‘ताक-ए-जफर’ गेट अफगानिस्तान के लोगों के लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक है।
मूल गेट काबुल में पांच दशक से भी पहले बनाया गया था, जिसे युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाया गया था—कुछ वैसे ही जैसे दिल्ली का इंडिया गेट शहीदों की स्मृति से जुड़ा है। रविवार से दर्शक इसी प्रतिकृति वाले गेट से स्टेडियम में प्रवेश करेंगे।
भारत में अफगानिस्तान को मिला है ‘घर जैसा’ माहौल
अफगानिस्तान के लिए भारत सिर्फ क्रिकेट खेलने की जगह नहीं रहा है। देहरादून और ग्रेटर नोएडा जैसे शहर पहले भी उसके घरेलू मुकाबलों और तैयारियों के केंद्र रहे हैं। अफगान टीम ने लंबे समय तक भारत में अभ्यास किया है और यहां उसके खिलाड़ियों को हमेशा प्यार और गर्मजोशी मिली है। ऐसे में अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाली यह सीरीज उसके लिए ‘घर से दूर घर’ जैसी है।
मैदान पर टक्कर भी कम दिलचस्प नहीं
दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन मैदान पर दोनों टीमें जीत के लिए पूरी ताकत लगाएंगी। भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल शीर्ष क्रम में वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन में से चुनाव का है। इंग्लैंड में वैभव को मौका मिला था, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में सैमसन की वापसी हुई। सैमसन अनुभव और आक्रामकता का संतुलन देते हैं, जबकि 15 वर्षीय वैभव बेखौफ बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं।
भारत के लिए राहत की बात है कि ईशान किशन इस मुकाबले के लिए उपलब्ध रहेंगे। शुक्रवार को अभ्यास के दौरान उनकी पीठ में खिंचाव आ गया था और वह मैदान से बाहर चले गए थे।
भारत की नजर अपने स्पिन संयोजन पर होगी। अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर के खेलने की उम्मीद है, जबकि तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और तेज गेंदबाज यश ठाकुर में से चुनाव दिलचस्प होगा। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी के भी अंतिम एकादश में रहने की संभावना है।
अफगान स्पिनरों की होगी असली परीक्षा
भारत के लिए यह सीरीज एशियाई खेलों की तैयारी के लिहाज से भी अहम है। अफगानिस्तान की पूरी ताकत वाली टीम के खिलाफ तीन टी-20 मैच भारतीय बल्लेबाजों को विश्व स्तरीय स्पिन आक्रमण का सामना करने का बेहतरीन मौका देंगे। राशिद खान, नूर अहमद और मुजीब उर रहमान की तिकड़ी भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। अफगानिस्तान के पास फजलहक फारूकी और नवीन-उल-हक जैसे तेज गेंदबाज तथा गुलबदीन नायब और अजमतुल्लाह उमरजई जैसे आलराउंडर भी मौजूद हैं।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन
भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई।
अफगानिस्तान टीम: इब्राहिम जादरान (कप्तान), दार्विश रसूली, नूर उल रहमान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह ओमरजई, राशिद खान, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नाइब, नांगेलिया खरोटे, अब्दुल्ला अहमदजई, फजलहक फारूकी, नवीन उल हक, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद।
‘गंभीर टीम में पैदा करते हैं आत्मविश्वास’
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मुख्य कोच गौतम गंभीर को शानदार ‘मैन मैनेजर’ बताते हुए कहा कि वह हर खिलाड़ी के भीतर भरोसा और आत्मविश्वास पैदा करने के साथ उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टता बनाए रखते हैं। मैच की पूर्व संध्या पर अय्यर ने कहा, “गंभीर टीम के अंदर काफी भरोसा और आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी की स्पष्ट समझ होती है। मैंने केकेआर में भी उनके साथ काम किया है, इसलिए मैं समझता हूं कि वह किस तरह सोचते हैं और उनका नजरिया क्या रहने वाला है।”









