बिजनौर की पटाखा फैक्ट्री में बड़ा खुलासा, 50 किलो की अनुमति के मुकाबले मिले 1237 किलो विस्फोटक; दो आरोपी गिरफ्तार

बिजनौर। जिले के चौकपुरी स्थित बजरंग फायर वर्क्स पटाखा फैक्टरी में तीन दिनों तक चली जांच-पड़ताल के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। इस फैक्टरी से 1237 किलोग्राम विस्फोटक कच्चा माल बरामद हुआ है, जबकि अनुमति सिर्फ 50 किलोग्राम रखने की थी। वहीं, निर्मित सुतली बम भी अनुमति से 10 गुना ज्यादा 3959 किलोग्राम बरामद हुए हैं। पटाखा फैक्टरी का संचालन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और फैक्टरी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है।

क्या-क्या बरामद हुआ?

एसपी केके बिश्नोई ने सोमवार को बताया कि फैक्टरी का संचालन करने वाले मोहम्मद यूसुफ निवासी मोहल्ला पीर शहीद काला, नहटौर और गुफरान अहमद अंसारी निवासी नहटौर को गिरफ्तार किया गया है। राजस्व विभाग, अग्निशमन और फील्ड यूनिट की संयुक्त चेकिंग में फैक्टरी से एल्युमीनियम पाउडर 130 किलो, गंधक 559 किलो और पोटेशियम नाइट्रेट 548 किलो बरामद हुआ। कुल कच्चे माल की बरामदगी 1237 किलोग्राम है, जबकि लाइसेंस में एक समय में सिर्फ 50 किलो कच्चा माल रखने की अनुमति थी। इसके अलावा सुतली बम 39 क्विंटल 59 किलोग्राम बरामद हुए हैं, जबकि निर्मित आतिशबाजी सिर्फ 400 किलो रखने की अनुमति थी।

कारतूस बनाने का भी सामान मिला

जांच में सामने आया कि इस फैक्टरी में आतिशबाजी के साथ-साथ कारतूस भी बनाए जा रहे थे। मौके से 13 कारतूस और 23 कारतूस के खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस ने फैक्टरी को सील कर दिया है। जांच में यह भी पता चला कि फैक्टरी का लाइसेंस आशीष बालियान के नाम पर है, जबकि किराए पर लेकर इसका संचालन पकड़े गए दोनों आरोपी कर रहे थे। आशीष बालियान निवासी चौकपुरी से भी पुलिस ने लंबी पूछताछ की है।

महाराष्ट्र में हो रही थी सुतली बम की सप्लाई

पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी मोहम्मद यूसुफ को ‘मुल्ला बम’ भी कहा जाता है, जिसे आतिशबाजी और पटाखे बनाने में महारत हासिल है। आरोपी मुल्ला बम सुतली बम बनाने के लिए कच्चा माल विस्फोटक अमजद निवासी पीरखेड़ा तहसील बासी, जनपद उस्मानाबाद (महाराष्ट्र) से खरीदता था। सुतली बम तैयार होने के बाद ये माल वापस अमजद को ही भेज दिया जाता था। इस फैक्टरी में बने पटाखों को महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में बेचा जा रहा था।

बिना बिल हुई खरीद-फरोख्त, सऊदी से आ रहा पैसा

आतिशबाजी बनाने के लिए जो कच्चा माल खरीदा जाता, उसका कोई पक्का बिल नहीं होता था। वहीं, तैयार माल भी कर चोरी करते हुए बिना पक्के बिल के दूसरे राज्यों में खपाया जा रहा था। खरीद-फरोख्त का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी गुफरान अहमद का भाई रिजवान अंसारी सऊदी अरब में रहता है और वही इस बारूद के कारोबार में मोटी रकम लगा रहा था। भाई से पैसा मंगाने और लाने का काम गुफरान करता था, जिसे पुलिस मनी लॉन्ड्रिंग भी मानकर जांच कर रही है। मुनाफा कमाने के बाद यह रकम आरोपी आपस में बांट लेते थे।

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