
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर चल रही अटकलों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सरकार ने साफ किया है कि आम उपभोक्ताओं और छोटे दुकानदारों के लिए UPI इस्तेमाल पूरी तरह मुफ्त रहेगा। 2,000 रुपये तक के किसी भी UPI ट्रांजैक्शन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
बता दें, सरकार के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के बड़े व्यावसायिक लेनदेन पर MDR लागू हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यह MDR शुल्क 0.25 प्रतिशत से लेकर 0.4 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है और बड़े भुगतानों पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये तक तय की जा सकती है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रस्तावित MDR आम ग्राहकों पर लागू नहीं होगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) किए जाने वाले मनी ट्रांसफर और छोटे दुकानदारों के लिए UPI व्यवस्था पहले की तरह पूरी तरह नि:शुल्क रहेगी। यह शुल्क केवल चुनिंदा बड़े कारोबारियों और कॉर्पोरेट मर्चेंट्स पर ही लागू किया जाएगा ताकि डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के परिचालन और सुरक्षा लागत को संतुलित किया जा सके।









