
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए कहा कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया है। चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
‘मेरे पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं’
चंद्रशेखर आजाद ने अपने X पोस्ट में लिखा कि उन्हें यह बात बहुत जिम्मेदारी से कहनी है और उनके पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। उन्होंने सरकार से हत्या की कथित साजिश से लेकर बाराबंकी में हुई हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाने की मांग की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब गोंडा के कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के मामले में चंद्रशेखर आजाद के गोंडा जाने के दौरान बाराबंकी में पुलिस के साथ विवाद और उनके काफिले पर कथित पथराव का मामला सामने आया था।
बाराबंकी की घटना का भी किया जिक्र
चंद्रशेखर आजाद ने अपने पोस्ट में बाराबंकी की घटना को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ दिनदहाड़े पत्थरबाजी की जाए, पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया जाए और आरोपी खुलेआम घूमते रहें, तो प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति क्या होगी।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने गोंडा जाते समय रोका था, जिसके बाद पुलिस और उनके समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस की खबरें सामने आई थीं।
‘मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता’
अपने पोस्ट में चंद्रशेखर आजाद ने अपने समर्थकों से भी कहा कि डरने की जरूरत नहीं है और संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता।
उन्होंने अपने विरोधियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए और उनके लोगों ने उन्हें ताकत, हिम्मत और साथ दिया तो उन्हें उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर उन्हें राजनीतिक रूप से रोकने में सफलता नहीं मिल रही है, इसलिए उनकी हत्या की योजना बनाए जाने का उनका दावा है। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि बाराबंकी की घटना के बाद आजाद समाज पार्टी की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।









