
राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी कराने के लिए चल रहे व्यापक अभियान के बावजूद जिले में अभी भी 1,81,560 यूनिट्स इस प्रक्रिया से बाहर हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए पूर्ति विभाग ने इन सभी लंबित लाभार्थियों को अंतिम अवसर प्रदान किया है। यदि निर्धारित समय के भीतर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो संबंधित यूनिटों के नाम राशन कार्ड से हमेशा के लिए हटा दिए जाएंगे। इसके बाद उन रिक्त स्थानों पर नए और पात्र लोगों को राशन कार्ड योजना का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी श्रेणी के आठ लाख से अधिक राशन कार्ड हैं, जिनमें कुल 33 लाख से ज्यादा यूनिट्स दर्ज हैं। शासन के निर्देश पर कोटेदारों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बाद अब तक लगभग 31 लाख 20 हजार यूनिट्स की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। हालांकि, जो यूनिट्स इस प्रक्रिया से अब तक दूर हैं, उन्हें पिछले करीब छह महीनों से खाद्यान्न का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बचे हुए लाभार्थी अपने वर्तमान स्थान के नजदीकी किसी भी सरकारी राशन की दुकान पर जाकर आसानी से अपनी ई-केवाईसी पूरी करवा सकते हैं। इसके लिए कार्ड में दर्ज सदस्यों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस अंतिम अवसर के बाद भी यदि प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो बिना किसी और देरी के नाम काटने की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।









