
दिल्ली से एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूर्व मैनेजर राम भारोस मीना को 3.61 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में 7 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर 2.85 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक अन्य निजी व्यक्ति मक्खन लाल मीना को भी दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
बता दें, सीबीआई के अनुसार इस पूरे घोटाले के कारण बैंक ऑफ महाराष्ट्र को कुल 3.61 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में साल 2016 में एफआईआर दर्ज की थी। लंबी जांच-पड़ताल के बाद साल 2020 में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत में चली लंबी सुनवाई और पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
यह फैसला वित्तीय अपराधों और बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी माना जा रहा है। सरकारी पदों पर रहकर बैंक के पैसों का दुरुपयोग करने वालों पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, और इस मामले में अदालत का यह सख्त रुख भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश देता है।









