
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हजरतगंज पुलिस ने आइरिस और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान एक शातिर साल्वर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोरखपुर निवासी 37 वर्षीय जयशंकर त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में भारतीय रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर तैनात है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी जयशंकर त्रिपाठी वास्तविक अभ्यर्थी शशांक मिश्रा के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। इसके लिए उसने एक कूटरचित (फर्जी) वोटर आईडी कार्ड तैयार कराया था, जिसके सहारे उसने केंद्र में प्रवेश कर लिया। हालांकि, परीक्षा केंद्र पर जब आइरिस scan और बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया, तो डेटा का मिलान नहीं हो सका। गड़बड़ी सामने आने पर केंद्र व्यवस्थापकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची हजरतगंज पुलिस ने जब आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने शशांक मिश्रा को नौकरी दिलाने के एवज में 10 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी दस्तावेज बरामद कर लिए हैं। हजरतगंज पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, गिरोह के अन्य सदस्यों और वास्तविक अभ्यर्थी शशांक मिश्रा की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है









