
उत्तर प्रदेश में अस्पताल और रिटेल फार्मेसियों द्वारा दवाओं की खरीद कीमत और एमआरपी (MRP) में भारी अंतर के मामले सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) ने सख्त कदम उठाया है। जनहित में पारदर्शिता लाने और मरीजों के हितों की सुरक्षा के लिए UPFSDA ने प्रदेश की सभी अस्पताल फार्मेसियों और रिटेल विक्रेताओं को अपनी पब्लिक वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें, अब मरीजों को दवाओं की खरीद कीमत (PTR) और बिक्री कीमत (PTC) की पूरी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा, फार्मेसियों को अपनी दुकानों और बिलों पर क्यूआर (QR) कोड भी उपलब्ध कराना होगा, जिसे स्कैन करके मरीज दवा की वास्तविक दरों को जान सकेंगे। नए नियमों के तहत सभी फार्मेसियों को अपने लाइसेंस, तैनात फार्मासिस्ट और साप्ताहिक स्टॉक की अद्यतन जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना अनिवार्य कर दिया गया है।
UPFSDA की इस पहल से दवाओं के नाम पर होने वाले अनुचित मुनाफे पर नकेल कसेगी और आम जनता को वाजिब दाम पर दवाइयां मिल सकेंगी। पारदर्शिता के इस कदम से मरीजों को अत्यधिक MRP वसूली से राहत मिलने की उम्मीद है।









