लखनऊ कोर्ट का बड़ा फैसला… 15 साल पुराने चोरी केस से ‘माल मुकदमाती’ गायब… दारोगा पर FIR के निर्देश…

लखनऊ कोर्ट ने 15 साल पुराने चोरी केस का माल गायब होने पर दारोगा अवधेश सिंह पर FIR का आदेश दिया। CP और DGP यूपी को जांच के निर्देश।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की जिला अदालत ने मालखाने का चार्ज न सौंपने और 15 साल पुराने चोरी के एक मुकदमे में ‘माल मुकदमाती’ (केस प्रॉपर्टी) गायब होने के मामले में बेहद सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट के बार-बार आदेश जारी करने के बावजूद अदालत में मुकदमे से संबंधित माल पेश नहीं किया गया। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अदालत ने तत्कालीन दारोगा एवं हेड मोहर्रिर अवधेश कुमार सिंह के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें, पूरा मामला तबादले के बाद मालखाने का प्रभार हस्तांतरित न करने से जुड़ा है। अदालत ने पाया कि हरदोई ट्रांसफर होने के बावजूद दारोगा ने चार्ज नहीं सौंपा, जिसके चलते कोर्ट की कार्यवाही प्रभावित हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने डीसीपी (DCP) पूर्वी को आरोपी दारोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, उस दौरान तैनात रहे तत्कालीन प्रभारी निरीक्षकों (एसएचओ) की भूमिका की भी जांच करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि लापरवाही तय की जा सके।

न्यायालय ने इस मामले में पुलिस आयुक्त (CP) लखनऊ को अपने स्तर से पूरी जांच कर रिपोर्ट पेश करने और पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश को मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस मामले की अनुपालन आख्या और गायब माल मुकदमाती से जुड़ी अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।

Related Articles

Back to top button