
उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित कोडीन सिरप के जरिए युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले अंतर्राष्ट्रीय व अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी अदालती कार्रवाई की है। एसटीएफ ने अदालत में 38 हजार पन्नों की बेहद विस्तृत और भारी-भरकम चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट के जरिए तस्करी के इस पूरे काले नेटवर्क की पोल खोल दी गई है।
इस बड़े मामले में मुख्य मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके चचेरे भाई गौरव जायसवाल के अलावा अमित सिंह और पूर्वांचल क्षेत्र में सिंडिकेट का जिम्मा संभालने वाले विकास सिंह (नर्वे) समेत 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
जांच एजेंसियों ने इस सिंडिकेट से जुड़े तार खंगालते हुए अब तक कुल 32 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें अमित सिंह और आलोक सिंह जैसे प्रमुख चेहरे भी शामिल हैं।
फर्जी फर्मों के जरिए कागजों पर हेरफेर कर और खाद्य सामग्रियों के बीच छिपाकर कफ सिरप की तस्करी करने वाले इस गिरोह के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए गए हैं। 38 हजार पन्नों के दस्तावेजी साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि एसटीएफ ने इस सिंडिकेट की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने की तैयारी कर ली है।









