धारावी पुनर्विकास परियोजना की बड़ी शुरुआत… माटुंगा में प्रणव अदाणी ने किया भूमि पूजन… 10 अत्याधुनिक टावर बनाने का काम शुरू…

धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत माटुंगा में भूमि पूजन संपन्न। अदाणी ग्रुप द्वारा 10 टावरों में 10,432 रिहैबिलिटेशन घरों का निर्माण कार्य शुरू।

मुंबई: धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत पुनर्वास निर्माण की शुरुआत हो गई है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) के डायरेक्टर प्रणव अदाणी ने सोमवार को मुंबई के माटुंगा स्थित 22 एकड़ के रेलवे साइट पर भूमि पूजन किया। इस परियोजना के तहत 10 टावर बनाए जाएंगे, जिनमें 10,432 पुनर्वास अपार्टमेंट और 1,379 वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयां होंगी। परियोजना का उद्देश्य पात्र धारावी निवासियों को बेहतर आवास और आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

10 टावरों में बनेंगे 10,432 पुनर्वास अपार्टमेंट

माटुंगा में प्रस्तावित परियोजना को अदाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL) लागू कर रही है। यह धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए गठित एक विशेष उद्देश्य वाली कंपनी (SPV) है।

कंपनी के अनुसार, इन-सीटू पुनर्वास योजना के तहत पात्र निवासियों को 350 वर्ग फुट के घर उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना में 10 टावरों के साथ 1,379 वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयां भी बनाई जाएंगी।

प्रणव अदाणी ने कहा कि हर परिवार को ऐसा घर मिलना चाहिए, जहां वह सुरक्षित महसूस कर सके और अपने भविष्य की योजना बना सके। उन्होंने कहा कि परियोजना के जरिए परिवारों के लिए बेहतर आवास और उनके बच्चों के लिए बेहतर भविष्य की संभावनाएं तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

पहले सेक्टर 6 और 1 के पात्र लोगों को मिलेंगे घर

परियोजना के तहत सबसे पहले सेक्टर 6 और सेक्टर 1 के पात्र निवासियों को माटुंगा में आवास उपलब्ध कराने की योजना है। इसके बाद धारावी के अन्य पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर लगभग 4,500 अपार्टमेंट दिए जाने की बात कही गई है।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, पुनर्वास के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।

तीन चरणों में पूरा होगा निर्माण, 2030 तक सौंपे जाएंगे सभी टावर

परियोजना के 10 टावरों को तीन चरणों में महाराष्ट्र सरकार के धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट/स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (DRP/SRA) को सौंपने की योजना है।

  • पहला चरण: पांच टावर मार्च 2029 तक सौंपने का लक्ष्य।
  • दूसरा चरण: दो टावर अगस्त 2029 तक सौंपने की योजना।
  • तीसरा चरण: बाकी तीन टावर अगस्त 2030 तक सौंपने का लक्ष्य।

ये परियोजना के घोषित लक्ष्य हैं। वास्तविक समयसीमा निर्माण की प्रगति और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

37 से 39 मंजिल के होंगे टावर, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रस्तावित टावरों में प्रत्येक इमारत की ऊंचाई 37 से 39 मंजिल तक होगी। इनमें 10 से 12 यात्री लिफ्ट और दो अलग अग्निशमन लिफ्ट रखने की योजना है। वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों के लिए दो अतिरिक्त लिफ्ट भी प्रस्तावित हैं।

परियोजना में रहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें शामिल हैं:

  • किंडरगार्टन और सामुदायिक हॉल
  • पोडियम गार्डन और बैठने की जगह
  • सोसायटी कार्यालय और पूजा स्थल
  • वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयां
  • साझा बुनियादी ढांचा और सामुदायिक सुविधाएं

योजना के अनुसार, प्रत्येक पुनर्वास भवन में वाणिज्यिक स्थान का 10 प्रतिशत हिस्सा साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए राजस्व जुटाने के उद्देश्य से आरक्षित किया जाएगा।

हैंडओवर के बाद 10 साल तक रखरखाव करेगी कंपनी

ANDPL के सीईओ अनिल सरदाना ने कहा कि निर्माण शुरू होने के साथ कंपनी का ध्यान परियोजना को समय पर पूरा करने और लंबे समय तक रखरखाव सुनिश्चित करने पर है।

कंपनी के मुताबिक, टावरों का हस्तांतरण होने के बाद पहले 10 वर्षों तक इमारतों और उनके साझा बुनियादी ढांचे का रखरखाव ANDPL करेगी। इसका उद्देश्य आवासीय परिसर और सामुदायिक सुविधाओं को व्यवस्थित बनाए रखना है।

भूमि पूजन समारोह में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

भूमि पूजन समारोह में महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता अतिथि के रूप में शामिल हुए। धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट/स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी के सीईओ डॉ. महेंद्र कल्याणकर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

डॉ. कल्याणकर ने कहा कि यह धारावी के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सुरक्षित और आधुनिक घरों के साथ बेहतर जीवन स्तर के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

धारावी एक्सपीरियंस सेंटर में दिखाई गई पुनर्विकास योजना की झलक

निर्माण शुरू होने से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गांधी जयंती के अवसर पर धारावी एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन किया था। करीब 22,500 वर्ग फुट में फैले इस केंद्र में प्रस्तावित पुनर्विकास योजना को समझाने के लिए लाइफ-साइज सैंपल घर, 3D वॉकथ्रू और इंटरैक्टिव डिस्प्ले की व्यवस्था की गई है।

यहां लोग प्रस्तावित घरों, कामकाज की जगहों, परिवहन, सुविधाओं और खुली जगहों की योजना को देख सकते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को परियोजना की प्रस्तावित रूपरेखा से परिचित कराना है।

धारावी में मिक्स्ड-यूज टाउनशिप बनाने की योजना

धारावी के व्यापक पुनर्विकास के तहत आवासों के साथ दुकानों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पूजा स्थलों, पार्कों और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने की योजना है।

प्रस्तावित योजना में जरूरी सेवाओं को लगभग 15 मिनट की पैदल दूरी के भीतर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। परियोजना का घोषित उद्देश्य आवास, स्थानीय कारोबार, आजीविका और सामुदायिक सुविधाओं को एकीकृत करके बेहतर शहरी माहौल तैयार करना है।

हालांकि, परियोजना का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि पात्र निवासियों का पुनर्वास किस तरह और कितनी समयसीमा में पूरा होता है तथा प्रस्तावित सुविधाएं किस स्तर तक विकसित की जाती हैं।

Related Articles

Back to top button