
वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब होने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अधिवक्ता नित्यानंद राय ने इस संबंध में शिकायत की थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा मामले का संज्ञान लेने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता ने मंदिर के शिखर से सोने के कई कलश गायब होने का दावा करते हुए पूरे मामले की जांच कराने और मंदिर प्रशासन से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
मंदिर के शिखर से सोना गायब होने का आरोप
शिकायतकर्ता नित्यानंद राय का आरोप है कि मंदिर के शिखर से सोना गायब होने का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिखर से हर दूसरे दिन सोना नोचे जाने की आशंका है। उन्होंने मांग की है कि जांच कर यह पता लगाया जाए कि मंदिर के शिखर से सोना कब से गायब हो रहा है।
मंदिर प्रशासन से श्वेत पत्र जारी करने की मांग
नित्यानंद राय ने मंदिर प्रशासन से मंदिर के शिखर और परिसर के अंदर लगे सोने-चांदी का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर में कहां-कहां सोना और चांदी लगा है, इसकी जानकारी श्वेत पत्र के जरिए दी जानी चाहिए। उन्होंने यह विवरण मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जारी करने की मांग की है।
मंदिर प्रशासन के जवाब से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं
शिकायतकर्ता के मुताबिक, मंदिर प्रशासन की ओर से दिए गए जवाब से वह संतुष्ट नहीं हैं। इसी वजह से उन्होंने मामले की विस्तृत जांच कराने और सोने-चांदी से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग दोहराई है।
शिखर की मरम्मत के लिए IIT मद्रास कर चुका है सर्वे
जानकारी के मुताबिक, काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर की मरम्मत को लेकर IIT मद्रास सर्वे कर चुका है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद शिखर की मरम्मत का काम किया जाएगा।
फिलहाल, शिखर से सोना गायब होने के आरोपों की पुष्टि और सोने की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।









