DL बनवाने के लिए अब ड्राइविंग टेस्ट का देना होगा अतिरिक्त शुल्क, दोपहिया से भारी वाहन तक के लिए तय होंगे अलग अलग रेट

ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने वाले आवेदकों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अब ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए ट्रैक के इस्तेमाल का शुल्क भी देना होगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दोपहिया वाहनों के लिए 50 रुपये, हल्के मोटर वाहनों के लिए 100 रुपये और भारी मोटर वाहनों के लिए 150 रुपये यूजर चार्ज निर्धारित किया गया है। शासन स्तर पर इसे लागू करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।

ड्राइविंग टेस्ट के लिए देना होगा यूजर चार्ज

लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके लिए आवेदकों को आरटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। लर्नर लाइसेंस मिलने के बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ या एआरटीओ कार्यालय में बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बाद आवेदक को ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ता है। टेस्ट में सफल होने पर लाइसेंस डाक के जरिए घर भेज दिया जाता है।

अब प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ड्राइविंग टेस्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले ट्रैक का शुल्क भी देना होगा। इससे लाइसेंस बनवाने की कुल लागत बढ़ सकती है।

प्रदेश के 20 जिलों में संचालित हैं 32 केंद्र

परिवहन विभाग ने बेहतर चालक तैयार करने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (ADTC) स्थापित किए हैं। इन केंद्रों का संचालन निजी संचालकों के हाथों में है।

लखनऊ के काकोरी स्थित उदितखेड़ा में भी एक एडीटीसी संचालित है। प्रदेश के 20 जिलों में कुल 32 केंद्र काम कर रहे हैं। इन केंद्रों पर ड्राइविंग टेस्ट के लिए विशेष ट्रैक बनाए गए हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, यूजर चार्ज से मिलने वाली पूरी राशि संबंधित एडीटीसी संचालक के खाते में जाएगी।

DL की सरकारी फीस 1,350 रुपये

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लर्नर लाइसेंस का सरकारी शुल्क 350 रुपये और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस का शुल्क 1,000 रुपये है। इस तरह दोनों को मिलाकर कुल सरकारी फीस 1,350 रुपये होती है।

वहीं, दलालों के माध्यम से लाइसेंस बनवाने पर आवेदकों को 4,000 से 6,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। अब ड्राइविंग टेस्ट के लिए यूजर चार्ज लागू होने से आवेदकों का खर्च और बढ़ सकता है।

अनुमान है कि एडीटीसी संचालकों को इससे हर महीने औसतन तीन लाख रुपये की आमदनी हो सकती है। इसके अलावा, इन केंद्रों पर ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए भी शुल्क लिया जाता है। ऐसे में इन केंद्रों के मूल उद्देश्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

दो बार टेस्ट में फेल होने पर 6,000 रुपये की ट्रेनिंग

एडीटीसी में ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों को सात दिन बाद दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलता है। इसके लिए नया स्लॉट बुक करना पड़ता है।

यदि कोई आवेदक दो बार ड्राइविंग टेस्ट में असफल हो जाता है, तो उसे एडीटीसी से ड्राइविंग प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आवेदक को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके लिए 6,000 रुपये का शुल्क निर्धारित है।

इस व्यवस्था के तहत दो बार टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों को प्रशिक्षण पर अतिरिक्त रकम खर्च करनी होगी। वहीं, प्रस्तावित यूजर चार्ज लागू होने पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की कुल लागत में और बढ़ोतरी हो सकती है।

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