पश्चिमी प्रशांत महासागर में प्रचंड रूप ले रहा टाइफून ‘चांपी’, क्या ताइवान और फिलीपींस में मचाएगा भारी तबाही?

पश्चिमी प्रशांत महासागर के उफनते जलस्तर के बीच एक नए और बेहद भीषण समुद्री खतरे ने दस्तक दे दी है। महासागर के ऊपर उठा चक्रवाती तूफान ‘चांपी’ अब विकराल रूप धारण करते हुए बेहद खतरनाक टाइफून में तब्दील हो चुका है। समुद्र के बीचों-बीच कुदरत के इस तेजी से बदलते मिजाज ने तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

मौसम संबंधी जानकारियों और फिलीपींस की मौसम एजेंसी ‘पगासा’ (PAGASA) के अनुसार, यह टाइफून फिलहाल फिलीपींस के निगरानी क्षेत्र से बाहर गुआम और मारियाना द्वीपों की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहा है। तूफान के केंद्र में हवाओं की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जबकि हवा के विनाशकारी झोंके 170 किलोमीटर प्रति घंटे की खौफनाक गति से दर्ज किए जा रहे हैं। 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा यह तूफान समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें और भयंकर बवंडर पैदा कर रहा है।

सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि मौसम वैज्ञानिकों ने मंगलवार तक इसके और अधिक आक्रामक होकर ‘सुपर टाइफून’ में तब्दील होने का अनुमान जताया है। जब यह फिलीपींस के निगरानी दायरे में पहुंचेगा, तब इसे स्थानीय रूप से ‘रोसल’ नाम दिया जाएगा। हालांकि मौजूदा दिशा के मुताबिक इसके सीधे तटों से टकराने की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन फिर भी इसका असर फिलीपीन सागर से लेकर ताइवान और उत्तरी लूजोन के पूर्वी हिस्सों तक महसूस किया जा सकता है।

दरअसल, जब उष्णकटिबंधीय तूफान प्रशांत महासागर की गर्म हवाओं से ऊर्जा पाकर अत्यधिक आक्रामक हो जाते हैं, तो उन्हें ‘टाइफून’ का नाम दिया जाता है। इस वक्त महासागर के ऊपर इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन और उत्तर-पूर्वी हवाएं एक साथ सक्रिय हैं, जिससे स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों की नजर लगातार इसकी भयावह ताकत और बदलती दिशा पर टिकी हुई है।

Related Articles

Back to top button